नजरअंदाज नहीं की जा रहीं नौकरशाहों के खिलाफ शिकायतें : एंटनी
नई दिल्ली में गुरुवार को नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों के एक सम्मेलन में संवाददाताओं से बातचीत में एंटनी ने कहा, "सरकार इन मामलों को गंभीरता से ले रही है। नौसेना ने मामले की जांच शुरू भी कर दी है।"
अधिकारियों के खिलाफ शिकायतों की सूचना प्रधानमंत्री कार्यालय को अमेरिकी में भारतीय राजदूत मीरा शंकर के द्वारा मिली। मीरा शंकर ने प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव टी.के.ए.नायर को 12 मई को इस संबंध में पत्र लिखा था।
पत्र में मीरा शंकर ने उल्लेख किया कि अमेरिकी कंपनियों ने नौसेना के अधिकारियों, महाराष्ट्र विद्युत बोर्ड, भारतीय रेलवे, भारतीय केंद्रीय कीटनाशक बोर्ड और अन्य विभागों के कुछ अधिकारियों को रिश्वत दी है ताकि उन्हें सरकारी ठेके मिल सकें।
मीरा शंकर ने कहा था कि नौैसेना के अधिकारियों को योर्क इंटरनेशनल कॉरपोरेशन के एक एजेंट ने 132,500 डॉलर रिश्वत के तौर पर दिए थे। उन्होंने कहा कि ये रकम छह वर्षो (2000-2006) में दी गई।
एंटनी ने कहा कि हालांकि उन्होंने यह पत्र नहीं देखा है लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
उधर, प्रधानमंत्री कार्यालय ने पांच सरकारी विभागों से कहा है कि वे भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के संबंध में रिपोर्ट सौंपे। जिन अमेरिकी कंपनियों पर रिश्वत देने का आरोप लगा है, उसमें मैरियो कोविनो ऑफ कंट्रोल कंपनीज, वेस्टिंगहाउस एयर ब्रेक टेक्नोलॉजिस कॉरपोरेशन और डाओ केमिकल्स के नाम शामिल हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
- Male
- Female
- Others
- Under 18
- 18 to 25
- 26 to 35
- 36 to 45
- 45 to 55
- 55+


Click it and Unblock the Notifications