उछाल भरी पिचों पर ढेर हुए टीम इंडिया के शेर
नई दिल्ली, 24 जनवरी (आईएएनएस)। कप्तान महेंद्र सिह धौनी के नेतृत्व में भले ही भारतीय क्रिकेट टीम ने दिग्गज टीमों को उन्हीं की धरती पर हराकर एकदिवसीय श्रृंखला जीती हो लेकिन दक्षिण अफ्रीका को उनके घर में हराना आज भी टीम इंडिया के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रही है। हाल में सम्पन्न पांच मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला में यह बात साबित हो गई कि भारतीय टीम के ये शेर आज भी तेज और उछाल वाली पिचों पर ढेर हो जाते हैं।
दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाजों डेल स्टेन और मोर्न मोर्कल की जोड़ी के सामने भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह फ्लॉप रही। भारत ने जिन दो मुकाबले में जीत दर्ज की उसमें विराट कोहली, मुनाफ पटेल और यूसुफ पठान का अहम योगदान रहा।
विश्व कप टीम में शामिल किए गए लेग स्पिनर पीयूष चावला को अंतिम मैच में खेलने का मौका मिला लेकिन वह उसमें अपना प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। चावला ने लगभग दो वर्ष बाद एकदिवसीय टीम में वापसी की है। चावला ने सात ओवर की गेंदबाजी में 32 रन खर्च किए लेकिन उन्हें एक भी विकेट नहीं मिला।
अंतिम एकदिवसीय जीतकर दक्षिण अफ्रीका ने श्रृंखला पर 3-2 से कब्जा कर लिया, लेकिन इस मैच में हरफनमौला खिलाड़ी यूसुफ पठान ने अपनी आतिशी पारी से सबका दिल जीत लिया।
यूसुफ की शानदार पारी हालांकि टीम को हार से नहीं बचा पाई लेकिन इतना तो जरूर है कि उन्होंने टीम को शर्मशार होने से बचा लिया। ऐसे में 19 फरवरी से आयोजित हो रहे विश्व कप के दौरान प्रशंसकों को उनसे उम्मीदें बढ़ गई हैं।
यूसुफ ने इस श्रृंखला में तीन मैच खेले, जिसमें उन्होंने शानदार 55.33 की औसत से 166 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने एक शतक और एक अर्धशतक भी लगाया और एक विकेट भी झटका।
दूसरी ओर, श्रृंखला में मध्यक्रम के एक विश्वसनीय बल्लेबाज के रूप में विराट कोहली ने अपना प्रभाव छोड़ा। दिल्ली के विराट ने दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों का जिस तरह से डटकर मुकाबला किया वह काबिलेतारीफ है।
डरबन के किंग्समीड मैदान पर खेले गए पहले एकदिवसीय मुकाबले में सलामी बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर से लेकर युवराज सिंह और कप्तान महेंद्र सिंह धौनी जहां रनों के लिए तरसते नजर आए वहीं कोहली ने उस मैच में शानदार 54 रनों की पारी खेली थी।
भारत की ओर से श्रृंखला में सर्वाधिक रन बनाने के मामले में कोहली शीर्ष पर रहे। कोहली ने पांच मैचों की पांच पारियों में 48.25 की औसत से 193 रन बनाए जिसमें दो अर्धशतक शामिल थे।
लगभग 11 महीने बाद अंतर्राष्ट्रीय एकदिवसीय मुकाबले में वापसी करने वाले तेंदुलकर ने निराश किया। तेंदुलकर ने जहां पहले मुकाबले में सात रन बनाए वहीं जोहांसबर्ग के वांडर्स स्टेडियम में खेले गए दूसरे मुकाबले में 24 रन बनाकर वह चलते बने। इसके बाद चोट के कारण वह बाकी के मैचों में नहीं खेल पाए थे। वैसे दक्षिण अफ्रीकी धरती पर चार शतक लगाकर सचिन शतक बनाने के मामले में दूसरे नम्बर पर हैं। सौरव गांगुली के नाम पांच शतक है।
भारतीय टीम के लिए युवराज सिंह का फॉर्म चिंता का विषय बना हुआ है। युवी ने पहले मुकाबले में केवल दो रन ही बना सके। दूसरे मुकाबले में हालांकि 53 रन बनाकर उन्होंने फॉर्म में आने का संकेत दिया लेकिन वह बाकी के तीन मुकाबलों में इस प्रदर्शन को नहीं दोहरा सके। युवी ने पांच मैचों में 18.22 रन की खराब औसत से महज 91 रन ही बनाए। उन्होंने वैसे 28.80 के औसत से पांच विकेट झटके।
कप्तान धौनी भी श्रृंखला में रनों के लिए तरसते नजर आए। धौनी ने पांच मैचों की पांच पारियों में 15 की औसत से मात्र 75 रन ही बना पाए जिसमें 38 रन उनका सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर रहा।
विश्व कप के लिहाज से सुरेश रैना का फॉर्म धौनी के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। रैना ने पांच मैचों की पांच पारियों में 22.20 की औसत से 111 रन बनाए हैं जिसमें 37 रन उनका सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत स्कोर रहा है।
तेज गेंदबाजी में मुनाफ पटेल का प्रदर्शन शानदार रहा। मुनाफ ने पांच मैचों में 18.72 की औसत से भारत की ओर से सर्वाधिक 11 विकेट झटके। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 29 रन खर्च कर चार विकेट का रहा। जहीर ने इतने ही मैचों में 25.11 की औसत से कुल नौ विकेट चटकाए जबकि हरभजन की झोली में कुल चार विकेट आए।
दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज हाशिम अमला ने सर्वाधिक रन बनाने के मामले में शीर्ष पर रहे। अमला ने पांच मैचों की पांच पारियों में 62.50 की औसत से 250 रन बनाए, जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल थे।
तेज गेंदबाज लोनवाबो त्सोत्सोबे ने पांच मैचों में 13.53 की औसत से सर्वाधिक 13 विकेट झटके वहीं मोर्न मोर्कल ने इतने ही मुकाबलों में 11.41 की औसत से कुल 11 विकेट चटकाए। मोर्कल को उनकी शानदार गेंदबाजी के लिए मैन ऑफ द सीरीज का पुरस्कार दिया गया।
देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय टीम अगले महीने से आयोजित होने वाले विश्व कप में कैसा प्रदर्शन करती हैं हालांकि क्रिकेट पंडितों की राय में खिताब की प्रबल दावेदारों में भारतीय टीम भी शामिल है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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