लोकसभा सदस्य और पूर्व टेस्ट क्रिकेटर कीर्ति आजाद ने कहा कि मंगलवार को डीडीसीए की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में उन्हें अपनी बात रखने से रोका गया और उनका साथ देने वालों के साथ हाथापाई की गई।
आजाद ने कहा कि बैठक में बीते रविवार को भारत-श्रीलंका मैच के रद्द होने के संदर्भ में उन्होंने सवाल पूछना चाहा तो उन्हें रोका गया। उल्लेखनीय है कि फिरोजशाह कोटला मैदान की पिच की दयनीय हालत की वजह से यह मैच रद्द करना पड़ा था।
बैठक से बाहर निकलने के बाद आजाद ने पहले कहा था कि उनके साथ दुर्व्यहार हुआ लेकिन इसके तत्काल बाद ही उन्होंने कहा कि उन्हें केवल अपनी बात रखने से रोका गया और जिन लोगों ने उनका साथ दिया उनके साथ हाथापाई की गई।
डीडीसीए के खेल सचिव सुनील देव ने आजाद के आरोप को खारिज कर दिया और चुनौती दी कि वह साबित करें कि उनके साथ हाथापाई की गई।
देव ने कहा, "अगर यह साबित हो जाता है कि कीर्ति के साथ हाथापाई की गई तो मैं डीडीसीए छोड़ दूंगा। सच यह है कि बैठक से बाहर आने से पहले वह एक बार नहीं बल्कि चार बार बोले।"
डीडीसीए के आजीवन सदस्य समीर मेहता ने भी आजाद के दावों का समर्थन किया। उन्होंने कहा, "जब एक सदस्य सुनील गोयल अपने सवाल उठाए तो विनोद तिहारा (विवादास्पद खेल समिति के सदस्य) ने उन्हें धमकाया। गोयल से कहा गया कि वह सवाल न पूछें।"
उधर, बैठक से बाहर निकलने वाले आजाद ने कहा, "मेरे साथ हाथापाई नहीं हुई परंतु मुझे रोका गया जबकि मैं रविवार की घटना के बारे में जानना चाहता था। परंतु कुछ लोगों के साथ वहां हाथापाई की गई। डीडीसीए में सत्तासीन समूह के समर्थकों ने मीडिया के सामने रविवार की घटना के लिए संघ की आलोचना करने का विरोध किया। मैं खड़ा हुआ और कहा कि मुझे अपनी बात कहने का पूरा अधिकार है।"
आजाद ने कहा कि उनके लिए डीडीसीए एक मंदिर की तरह है और वह 1970 से कोटला के मैदान पर खेलते आ रहे हैं। उन्होंने कहा, "डीडीसीए का कामकाज बहुत चिंताजनक और विक्षुब्ध करने वाला है। मेरा मानना है कि हमें इस तंत्र को स्वच्छ करने का काम आरंभ करना चाहिए।"
उन्होंने कहा, "डीडीसीए के प्रमुख अरुण जेटली के प्रति मेरा पूरा सम्मान है। वह एक ईमानदार व्यक्ति हैं लेकिन डीडीसीए अधिकारियों पर वह नियंत्रण नहीं कर पा रहे हैं।"
डीडीसीए के उपाध्यक्ष चेतन चौहान ने भी आजाद के आरोप को खारिज किया। उन्होंने कहा, "हम आजाद के दावों की जांच करेंगे। वह डीडीसीए के एक प्रमुख सदस्य हैं और संघ के लिए महत्वपूर्ण हैं। हमें रविवार की घटना के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की ओर से एक नोटिस मिला है और जल्द ही हम उसका जवाब देंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।