भगवान द्वारा दिए गए मौके गंवाना नहीं चाहता : श्रीसंत
नई दिल्ली, 10 फरवरी (आईएएनएस)। चोटिल मध्यम गति के गेंदबाज प्रवीण कुमार की जगह भारत के विश्व कप के 15 सदस्यीय टीम में शामिल किए गए तेज गेंदबाज शांताकुमारन श्रीसंत का कहना है कि वह भगवान के द्वारा दिए गए मौके को गंवाना नहीं चाहते।
श्रीसंत ने आईएएनएस को दिए एक साक्षात्कार में कहा, "मैं जानता हूं कि मेरी हरकतें चर्चा का विषय है लेकिन अभी मैं इसके बारे में सोचना नहीं चाहता। मैं जानता हूं कि मुझे अपनी छवि बदलनी होगी और मैं सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश कर रहा हूं। मैं आक्रामक खेल खेलता हूं और चाहूंगा कि मैदान पर ऐसी कोई हरकत नही करूं जिससे किसी को बाधा पहुंचे। भगवान ने मुझे मौका दिया है और मैं इसे गंवाना नहीं चाहता।"
चयनकर्ताओं ने प्रवीण की जगह श्रीसंत को स्थापन्न खिलाड़ी के रूप में चुना। श्रीसंत के चयन के साथ ही इस प्रकार की खबरें हवा में तैरने लगी थीं कि भारतीय टीम प्रबंधन श्रीसंत के चयन के पक्ष में नहीं था।
श्रीसंत ने 51 एकदिवसीय मुकाबलों में अब तक 75 विकेट चटकाए हैं और उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 55 रन खर्च कर छह विकेट झटकने का रहा है। श्रीसंत ने यह कारनामा वर्ष 2006 में इन्दौर में इंग्लैंड के खिलाफ किया था।
वर्ष 2007 में ट्वेंटी-20 विश्व कप विजेता टीम के हिस्सा रहे श्रीसंत का कहना है कि उनका काम टीम में अपना योगदान देना है और वह इसके बारे में चिंतित नहीं हैं।
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के चौथे संस्करण के लिए कोच्चि फ्रेंचाइजी की टीम में शामिल किए गए श्रीसंत ने भगवान को धन्यवाद देते हुए कहा कि विश्व कप टीम में शामिल किए जाने से बतौर गेंदबाज मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है।
श्रीसंत ने कहा, "मेरे लिए यह बढ़िया मौका है। मैं विश्व कप के 30 सम्भावित खिलाड़ियों की सूची से अन्तिम 15 में जगह बनाने में असफल रहने के बाद सोचा नहीं था कि मैं विश्व कप में खेलूंगा। लेकिन मैंने हमेशा अपनी काबिलियत पर विश्वास रखा। जब मुझे पहली बार विश्व कप टीम में जगह नहीं मिली तब मैं काफी निराश था लेकिन उसके बाद मैंने अभ्यास करना नहीं छोड़ा। मैंने नेशनल क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में इस दौरान अभ्यास जारी रखा। अब मैं विश्व कप टीम का हिस्सा हूं। मुझे उम्मीद है कि मैं अच्छा करूंगा।"
यह पूछने पर कि पहली बार आप विश्व कप अपने घर में खेलेंगे क्या इसको लेकर आप पर कोई दबाव होगा?
श्रीसंत ने कहा, " मैं पिछले पांच वर्ष से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहा हूं और मैं दबाव से भलीभांति अवगत हूं। यदि हमारे ऊपर अपने घर पर खेलने का दबाव रहेगा तो यही स्थिति विपक्षी टीम के ऊपर भी होगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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