तेंदुलकर का अंदाज सबसे जुदा
नई दिल्ली, 20 नवंबर (आईएएनएस)। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का अंदाज सबसे जुदा है। यही कारण है कि वह क्रिकेट इतिहास के महानतम खिलाड़ियों में शुमार किए जाते हैं। तेंदुलकर ने शुक्रवार को सरदार पटेल मोटेरा स्टेडियम में एक साथ दो मील के पत्थर स्थापित करके एक अरब से अधिक भारतीयों के इस भरोसे को कायम रखा कि उनके जैसा और कोई नहीं।
श्रीलंका के साथ खेले गए पहले टेस्ट मैच के पांचवें दिन शुक्रवार को तेंदुलकर ने पहले अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर में 30,000 रनों का आंकड़ा छुआ और फिर अपनी पारी को जारी रखते हुए 43वां टेस्ट शतक भी पूरा कर लिया। इस तरह 15 नवंबर, 1989 को पाकिस्तान के खिलाफ अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय मैच खेलने वाले तेंदुलकर ने अंतर्राष्ट्रीय करियर के 21वें वर्ष में अपने प्रवेश का धूमधाम से आगाज किया।
अहमदाबाद टेस्ट की पहली पारी में मात्र चार बनाकर पेवेलियन लौटने वाले तेंदुलकर ने दूसरी पारी में 211 गेंदों का सामना करते हुए 11 चौके लगाकर शतक पूरा किया। इस दौरान उन्होंने वी.वी.एस. लक्ष्मण (नाबाद 51) के साथ पांचवें विकेट के लिए 137 रनों की नाबाद साझेदारी निभाई।
इससे ठीक पहले, तेंदुलकर ने अपनी इस शतकीय पारी के दौरान 35 रन बनाने के साथ अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 30,000 रन पूरे किए थे। इसके लिए उन्हें इस मैच से 39 रन बनाने की दरकार थी लेकिन पहली पारी में वह सिर्फ चार रन ही बना सके थे। इस निराशा से उबरते हुए तेंदुलकर ने दूसरी पारी में शतक ठोककर ही दम लिया।
अहमदबाद टेस्ट के रिकार्ड पर नजर डालें तो तेंदुलकर ने कुल 597 अंतर्राष्ट्रीय मैचों (160 टेस्ट, 436 एकदिवसीय एवं एक ट्वेंटी-20) खेले हैं। तेंदुलकर ने 160 मैचों में 54.79 के औसत से 12877 रन बनाए हैं। उनका सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर 248 रन रहा है। उन्होंने टेस्ट मैचों में 53 अर्धशतक लगाए हैं।
एकदिवसीय मैचों में भी कोई खिलाड़ी उनके आसपास नहीं है। उन्होंने 436 एकदिवसीय मैचों में 44.50 की औसत से 17,178 रन बनाए हैं, जिनमें 45 शतक शामिल हैं। उनके नाम एकदिवसीय मैचों में 91 अर्धशतक दर्ज हैं। तेंदुलकर ने एकमात्र अंतर्राष्ट्रीय ट्वेंटी-20 मैच खेला है, जिसमें उन्होंने 10 रन बनाए थे। इसके बाद उन्होंने क्रिकेट से इस सबसे नए स्वरूप से संन्यास ले लिया।
इस टेस्ट श्रृंखला से ठीक पहले तेंदुलकर ने आस्ट्रेलिया के साथ खेली गई सात मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला के दौरान एकदिवसीय मैचों में 17,000 रन पूरे किए थे। इस आंकड़े को छूने के लिए तेंदुलकर को श्रृंखला की शुरुआत में 127 रनों की जरूरत थी लेकिन चार मैचों तक नाकामी झेलने के बाद आखिरकार उन्होंने हैदराबाद में खेले गए पांचवें मुकाबले में 175 रनों की बेशकीमती पारी के साथ 17 हजार रनों का आंकड़ा पार किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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