गिल इस भेंट के दौरान कलमाडी के आवास पर एक घंटे से अधिक समय तक रहे। उन्होंने पत्रकारों से कहा, "हमने सभी मुद्दों पर विस्तार से बात की। मैं फेनेल से भी टेलीफोन पर बात करुं गा। मैं कलमाडी, फेनेल और सीजीएफ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी माइक हूपर के साथ 29 अक्टूबर को लंदन में मिलूंगा और एक बार फिर सभी मुद्दों पर चर्चा करुं गा। मेरी कोशिश सर्वमान्य हल निकालने की है।"
कलमाडी ने सीजीएफ अध्यक्ष के हूपर को भारत भेजने के फैसले का विरोध किया है। कलमाडी ने हूपर को वापस बुलाने को कहा था लेकिन फेनेल ने इससे इंकार कर दिया है। हूपर को तैयारियों पर नजर रखने के लिए भारत भेजा गया है। कलमाडी चाहते हैं कि हूपर के स्थान पर सीजीएफ किसी अन्य अधिकारी को भारत भेजे लेकिन फेनेल इसके लिए तैयार नहीं हैं।
इसे लेकर फेनेल और कलमाडी के बीच वाक्युद्ध छिड़ गया है। गिल ने सोमवार को मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए दोनों अधिकारियों के बीच सुलह कराने की बात कही थी। इसी प्रयास के तहत वह मंगलवार को कलमाडी से मिलने उनके आवास पर गए।
गिल ने सोमवार को कहा था कि ऐसे में जबकि खेलों के आयोजन की तैयारियां बिल्कुल सही दिशा में चल रही हैं, राष्ट्रमंडल खेलों से जुड़े दो बड़े अधिकारियों (कलमाडी और हूपर) के बीच जारी वाकयुद्ध निराशाजनक है। ऐसे में इस तरह की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है।"
गिल ने यह भी कहा था कि नई दिल्ली 2010 में राष्ट्रमंडल खेलों का शानदार और विश्वस्तरीय आयोजन करेगी। बकौल गिल, "खुद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और मैंने सीजीएफ को भरोसा दिलाया है कि हम विश्वस्तरीय आयोजन की सफलता के लिए कृतसंकल्प हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।