ओलंपिक पदक विजेता मैरी कॉम भी हुई थी यौन उत्पीड़न का शिकार
यह एक ऐसी एप्प है जो जो लड़कियों को रेपिस्टों से बचाएगी। यह एप्प लड़कियों को ऐसी तकनीकों के बारे में बताएगी जिनसे वे खुद को हमलावर से बचा सकती हैं। मैरी कॉम ने बताया कि एप्स में वही तकनीकें हैं जिनका इस्तेमाल उन्होंने खुद अपने बचाव के लिए उस वक्त कि. था जब उनपर सेक्स अटैक हुआ था।
मैरी कॉम ने उस घटना को याद करते हुए कहा कि जब वो महज 18 साल की थी तो चर्च जाते वक्त रिक्शेवाले ने उनसे बदसलूकी की और उनके कुछ गलत करना चाहता था, लेकिन मैरी कॉम ने रिक्शेवाल के मुंह में जोरदार घूंसे मारकर अपनी जान बचाई। अब वो अपनी इसी तकनीक को एप्स के माध्यम से लड़कियों तक पहुंचाना चाहती हैं ताकि वो अपनी सुरक्षा खुद कर सकें।
एस एप्स के जरिए महिलाओं को आत्मरक्षा के बुनियादी गुर सिखाए जाएंगे। यही नहीं उन्हें प्रोत्साहन और सलाह भी दी जाएगी। यह एप्प इसी साल लॉन्च होना है।
यह एप्प न केवल स्मार्टफोन के लिए बल्कि बेसिक फोन में भी इस्तेमाल हो सकेगा। फर्क सिर्फ इतना है कि जहां स्मार्टफोन में वीडियो से तकनीक समझाई जाएगी वहीं, बेसिक फोन में टेक्स्ट के जरिए गुर सिखाए जाएंगे।
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- Under 18
- 18 to 25
- 26 to 35
- 36 to 45
- 45 to 55
- 55+


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