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निम्बस और आईएचएफ लेकर आए वर्ल्ड सीरीज हॉकी

वर्ल्ड सीरीज हॉकी की घोषणा के वक्त आईएचएफ के पूर्व अध्यक्ष के.पी.एस. गिल और मौजूदा अध्यक्ष आर. के. शेट्टी के साथ-साथ भारतीय हॉकी के पांच सितारे-ड्रैग फ्लिकर संदीप सिंह, फुल बैक सरदारा सिंह, गोलकीपर एड्रियन डिसूजा, डिफेंडर धनंजय महाडिक और चण्डीगढ़ के उभरते खिलाड़ी गुरजिंदर सिंह मौजूद थे।

इस अवसर पर निम्बस कम्युनिकेशंस लिमिटेड के कार्यकारी अध्यक्ष हरीश थावानी ने कहा कि वर्ल्ड सीरीज हॉकी के लिए उनका आईएचएफ के साथ 15 साल का करार हुआ है और यह लीग देश के चुनिंदा 10 शहरों में खेली जाएगी।

वर्ल्ड सीरीज हॉकी का स्वरूप काफी हद तक आईपीएल जैसा होगा। इसमें खेलने वाली फ्रेंचाइजी टीमों का मालिकाना हक कारपोरेट कम्पनियों के पास होगा और टीमों के लिए बोली लगाने के लिए एक निश्चित रकम निर्धारित की जाएगी। इसमें खेलने वाले खिलाड़ियों को मैच फीस, विज्ञापन के साथ-साथ अच्छे प्रदर्शन के लिए खास उपहार भी दिए जाएंगे। हरीश ने कहा कि वर्ल्ड सीरीज हॉकी के माध्यम से भारतीय हॉकी खिलाड़ी 40 से 50 लाख रुपये हर वर्ष कमा सकते हैं।

हॉकी खिलाड़ियों के लिहाज से यह रकम काफी मायने रखती है क्योंकि जिस तरह उन्हें अपने वेतन और अन्य भत्तों के लिए हाल के दिनों में भूख हड़ताल के साथ-साथ शिविर का बहिष्कार करने पर मजबूर होना पड़ा था, उस लिहाज से आईएचएफ और निम्बस स्पोर्ट्स के इस पहल से निश्चित तौर पर भारतीय हॉकी को फायदा होगा। खिलाड़ी तंगहाली से निकलेंगे और बिना किसी चिंता के देश के लिए अच्छा प्रदर्शन करेंगे।

बहरहाल, वर्ल्ड सीरीज हॉकी का पहला संस्करण नवंबर/दिसम्बर 2011 में खेला जाएगा। इसका आयोजन भारत में होने वाली चैम्पियंस ट्राफी के बाद होगा और इसमें 60 विदेशी खिलाड़ियों को जगह दी जा सकती है। यह भी बिल्कुल आईपीएल की तर्ज पर होगा। वर्ल्ड सीरीज हॉकी के अंतर्गत 10 सप्ताह में कुल 100 मैच खेले जाएंगे, जिनमें 250 से अधिक खिलाड़ी अपना फन दिखाएंगे।

इस लीग के लिए चुने गए भारतीय टीम के एक सदस्य ने आईएएनएस को बताया कि निम्बस और आईएचएफ लीग के लिए अब तक 37 भारतीय खिलाड़ियों के साथ करार किया जा चुका है जबकि इस लीग का प्रसारण 10 देशों में किया जाएगा।

विदेशी खिलाड़ियों का चयन उनके एजेंटों के माध्यम से किया जाएगा। निम्बस ने साफ किया है कि फ्रेंचाइजी का मालिकाना हक हासिल करने वालों की वित्तीय हैसियत के साथ-साथ यह प्रमुख रूप से देखा जाएगा कि देश में हॉकी के विकास को लेकर उनकी क्या राय और तैयारी है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Story first published: Tuesday, December 28, 2010, 20:00 [IST]
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