भारत के फोकस एरिया में से एक होगा एथलेटिक्स
नयी दिल्ली (ब्यूरो)। भारत के ग्रामीण इलाकों में दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद आदि पारंपरिक खेलों की लोकप्रियता और व्यावहारिक रूप से एथलीट बनने के लिए किसी महंगे खेल उपकरण की खरीद की आवश्यकता न होने को देखते हुए तथा विभिन्न अंतरराष्ट्रीय खेलों में भारतीय एथलीटों के हाल के उत्कृष्ट प्रदर्शन को ध्यान में रखकर, भारत सरकार एथलेटिक्स को प्रमुख खेलों में से एक के तौर पर विकसित करने के लिए इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञता को शामिल कर रही है।
इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स महासंघ (आईएएएफ), भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) और भारतीय एथलेटिक महासंघ (एएफआई) के बीच छह अक्तूबर को अभिरूचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) पर हस्ताक्षर किए गए। आईएएफ के अध्यक्ष लॉर्ड सेबेस्टियन कोए, एएफआई के अध्यक्ष आदिल जे सुमारीवाले और एसएआई के महानिदेशक इंजेती श्रीनिवास ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए एलीट एथलीटों को तैयार करने की खातिर एक पेशेवर माहौल बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय कोचों, एकीकृत सहयोगी कर्मचारियों को लाने और मानसिक कौशल हेतु इस संयुक्त प्रयास पर हस्ताक्षर किए हैं।
साई अकादमी का ध्यान मुख्य रूप से आईएएएफ युवा एवं जूनियर विश्व चैंपियनशिप और युवा ओलंपिक खेलों पर रहेगा। साई इसके लिए आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराएगा। आईएएफ स्प्रिंट, जंप, हेप्टाथलन और डेकाथलॉन आदि के लिए विशेषज्ञ उपलब्ध कराएगा। एएफआई कार्यक्रमों के प्रबंधन में सहयोग करेगा। अभिरूचि की अभिव्यक्ति पर खेल सचिव राजीव यादव की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए। उन्होंने इस सामूहिक प्रयास का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि इससे एथलेटिक्स के क्षेत्र में देश के ग्रामीण इलाकों में मौजूद प्रतिभा के अव्यक्त समुद्र का दोहन किया जा सकेगा और उन्हें निखारा जा सकेगा।
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