प्रतिबंधित क्रिकेटरों से नरमी नहीं बरती गई : लोर्गाट
आईसीसी के विशेष न्यायाधिकरण ने शनिवार को स्पॉट-फिक्सिंग मामले में सलमान बट्ट, मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमेर को दोषी ठहराते हुए तीनों पर क्रमश: 10, सात और पांच वर्ष का प्रतिबंध लगाया था।
विश्व कप से कुछ सप्ताह पहले आए इस फैसले ने जहां खिलाड़ियों को चौकन्ना कर दिया है वहीं आईसीसी ने एक बार फिर कहा है कि उसे विश्वास है कि 19 फरवरी से शुरू होने वाला क्रिकेट का महाकुंभ भ्रष्टाचार से मुक्त रहेगा।
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के समाचार पत्र 'द नेशनल' ने लोर्गाट के हवाले से लिखा है, "मुझे यकीन है कि आगामी विश्व कप पूरी तरह भ्रष्टाचार मुक्त रहेगा। इसका कारण यह है कि अधिकांश खिलाड़ी ईमानदार हैं। ये खिलाड़ी कभी भी गलत रास्ते से धन कमाने का प्रयास नहीं करेंगे।"
लोर्गाट ने कहा कि अगस्त, 2010 की इस घटना के बाद आईसीसी काफी अधिक सचेत हो गई है। उसने भ्रष्टाचार रोकने के लिए अपने कर्मचारियों की संख्या बढ़ा दी है। साथ ही साथ लोगार्ट ने कहा कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को उचित सजा दी गई है।
लोर्गाट ने कहा, "मैं नहीं समझता कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को सजा देने में किसी तरह की नरमी बरती गई है। हमें मैच फिक्सिंग और स्पॉट फिक्सिंग के अंतर को समझना होगा। न्यायधिकरण में शामिल लोग बहुत अनुभवी हैं। यह न्यायाधिकरण स्वतंत्र लोगों से मिलकर बना है। इसने काफी सोच-विचार के बाद अपना फैसला सुनाया है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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