महाराष्ट्र के खाते में 23 स्वर्ण, 25 रजत और 22 कांस्य के साथ कुल 70 पदक हैं जबकि सेना ने अब तक 22 स्वर्ण, 19 रजत और 17 कांस्य जीते हैं। सेना के नाम कुल 58 पदक हैं।
मणिपुर भले ही एथलेटिक्स और तैराकी में कमाल नहीं कर पाया हो लेकिन वूशु में जीते गए 14 तथा सापेकटाकरा में जीते गए चार स्वर्ण पदकों की बदौलत उसने तीसरा स्थान हासिल कर लिया है। उसके खाते में 22 स्वर्ण, 10 रजत और 15 कांस्य हैं।
दिल्ली को छठे दिन निराशा मिली। वह तीसरे स्थान से चौथे स्थान पर खिसक गया। उसके खाते में सुबह से एक भी स्वर्ण दर्ज नहीं हुआ है। उसने अब तक 20 स्वर्ण, 13 रजत और 14 कांस्य पदक जीते हैं।
शुरुआती दो दिनों तक शीर्ष पर कायम रहने के बाद मध्य प्रदेश अब पांचवें क्रम पर खिसक गया है। उसके खाते में 18 स्वर्ण, 19 रजत और 24 कांस्य पदक हैं। हरियाणा और कर्नाटक के नाम 11-11 स्वर्ण हैं। मेजबान झारखण्ड ने 10 और उत्तर प्रदेश ने 9 स्वर्ण जीते हैं।
व्यक्तिगत पदकों की दौड़ में दिल्ली की तैराक ऋचा मिश्रा सबसे आगे चल रही हैं। ऋचा अब तक नौ स्वर्ण पदकों के अलावा दो रजत पदक जीत चुकी हैं। 2007 में गुवाहाटी में आठ स्वर्ण जीतने वाली ऋचा ने अपना ही रिकार्ड ध्वस्त कर दिया है। उन्होंने अब तक कुल छह राष्ट्रीय रिकार्ड कायम किए हैं।
ऋचा ने अब तक 1500 मीटर फ्रीस्टाइल, 200 मीटर फ्रीस्टाइल, 800 मीटर फ्रीस्टाइल, 200 मीटर बैक स्ट्रोक, 200 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक, 100 मीटर बटरफ्लाइ, 200 मीटर बटरफ्लाइ, 200 मीटर फ्रीस्टाइल और 400 मीटर व्यक्तिगत मेडले में स्वर्ण जीते हैं।
वह 50 मीटर फ्रीस्टाइल और 50 मीटर बटरफ्लाइ स्पर्धा में रजत जीत सकीं। ऋचा के अलावा कर्नाटक के तैराक एपी गगन ने अब तक छह स्वर्ण और एक कांस्य पदक अपने नाम किया है। इसके अलावा एशियाई खेलों में कांस्य जीतने वाले तमिलनाडु के वीरधवल खड़े ने अब तक पांच स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक जीते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।