'फिर ऐसी पिच बनी तो कार्रवाई'

By Staff

जिस दिन एकदिवसीय मैच में 825 रन बने उसी दिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के प्रमुख कार्यकारी अधिकारी हारून लोर्गाट ने कहा है कि यदि फिर कहीं बल्लेबाज़ों को सहायता करने वाली पिच बनी तो कार्रवाई होगी.

बीबीसी से हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि आईसीसी की ओर से पिचों की निगरानी की एक तयशुदा व्यवस्था है और उसी के तहत पिचों पर निगरानी रखी जाएगी.

उल्लेखनीय है कि मंगलवार को राजकोट में भारत और श्रीलंका के बीच हुए पहले एक दिवसीय मैच में कुल 825 रन बनाए गए थे. यह मैच श्रीलंका तीन रनों से हार गया था.

उन्होंने कहा कि खेल इस तरह से नहीं हो सकता कि हर टीम एक विशालकाल स्कोर खड़ा कर रही है.

उनका कहना था कि यह मेज़बान देश के बोर्ड पर होता है कि वह किस तरह के पिच तैयार करवाना चाहती है.

इसके बारे में आईसीसी के दिशानिर्देश हैं जिसका उद्देश्य है कि एक तरह का संतुलन बना रहे.

आईसीसी के सीईओ का कहना था कि हर पिच के बारे में मैच रेफ़री और अन्य रिपोर्ट आती है.

उनका कहना था कि यदि किसी पिच के बारे में ऐसी ख़बर मिलती है तो कार्रवाई हो सकती है जो प्रतिबंध तक हो सकता है.

तकनीक का प्रयोग

क्रिकेट में तकनीक के उपयोग को सही ठहराते हुए हारून लोर्गाट ने कहा कि आंकड़े बताते हैं कि तकनीक के प्रयोग से सही निर्णयों की संख्या में पाँच प्रतिशत से ज़्यादा की बढ़ोत्तरी हुई है.

उन्होंने स्वीकार किया कि तकनीक के प्रयोग को लेकर कुछ लोग विरोध भी कर रहे हैं लेकिन उनका दावा था कि इसे बहुत से लोगों का समर्थन भी मिल रहा है.

उनका कहना था कि कोई भी नई चीज़ आती है तो उसे लेकर दो तरह की राय होती ही है.

फ़ुटबाल का ज़िक्र होने पर उन्होंने कहा कि फ़ुटबाल देखते हुए बहुत बार लगता है कि उन्हें भी उपलब्ध तकनीक का उपयोग करना चाहिए जिससे कि निर्णयों को दुरुस्त किया जा सके.

Story first published: Wednesday, December 16, 2009, 17:38 [IST]
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