Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block

प्रशिक्षण के लिए उपकरणों का अभाव झेल रहे हैं आशीष

नई दिल्ली, 23 दिसम्बर (आईएएनएस)। राष्ट्रमंडल खेलों के बाद एशियाई खेलों में जिम्नास्टिक स्पर्धा में पहली बार देश के लिए पदक जीतने वाले आशीष कुमार लंदन ओलम्पिक की तैयारी कर रहे हैं लेकिन अभी भी उन्हें उच्च मानकों के उपकरणों का अभाव झेलना पड़ रहा है।

क्वोंगचो से पिछले महीने लौटने के बाद आशीष अपने गृह नगर इलाहाबाद में जीर्ण-शीर्ण उपकरणों के सहारे प्रशिक्षण ले रहे हैं। वह कहते हैं कि इन उपकरणों के चलते लंदन ओलम्पिक की उनकी तैयारी को नुकसान पहुंच रहा है।

19 वर्षीय आशीष कहते हैं कि राष्ट्रमंडल खेलों के लिए लाए गए नए व उन्नत प्रशिक्षण उपकरण नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी स्पोर्ट़्स कॉम्पलेक्स में भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के अधीन रखा हुआ है।

अशीष ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "मेरा एक महीना लगभग बर्बाद हो गया क्योंकि मुझे पुराने उपकरणों से ही अभ्यास करना पड़ रहा है। इनमें से कई उपकरण तो 1989 के हैं और जीर्ण-शीर्ण हो चुके हैं। मुझे पता है कि नए उपकरणों के चार सेट दिल्ली में पड़े हुए है। मैंने उनसे एक सेट इलाहाबाद भेजने का आग्रह भी किया है।"

लंदन ओलम्पिक के मद्देनजर आशीष को हर एक दिन के महत्व का अंदाजा है। वह कहते हैं कि ओलम्पिक के लिए क्वोलीफाई करने के लिए हर एक दिन अहम है। ज्ञात हो कि ओलम्पिक के लिए क्वोलीफाई करने के लिए अक्टूबर में होने वाले विश्व चैम्पियनशिप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा।

उन्होंने कहा, "किसी को उम्मीद भी नहीं थी कि राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों की जिम्नास्टिक स्पर्धा में हमें पदक मिलेगा। लेकिन ऐसा सम्भव हुआ। सरकार के सहयोग से ही ऐसा हुआ। हमें विदेशी कोच मिला और प्रशिक्षण के लिए विदेशों में ले जाया गया। संसाधन मिल जाए तो मुझे पूरा विश्वास है कि विश्व चैम्पियनशिप और ओलम्पिक में भी हमारा प्रदर्शन शानदार रहेगा।"

उनके प्रदर्शन में आए निखार में रूसी कोच ब्लादिमीर चेर्टकोव की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर आशीष कहते हैं, "मैं उन्हें वापस बुलाना चाहूंगा। टीम में उन्होंने बहुत प्रभावी बदलाव किए। मैं पिछले 15 वर्षो से जिम्नास्ट हूं लेकिन यह उनका दिशा-निर्देश और उनकी विशेषज्ञता ही थी कि मैंने नाउम्मीदी के दौर में ये पदक जीते।"

उन्होंने कहा, "मैं कहना चाहूंगा कि इलाहाबाद देश में जिम्नास्टिक का केंद्र बन सकता है। कई युवा इसमें अपनी भागीदारी को लेकर गंभीर हैं।"

ज्ञात हो कि आशीष ने दिल्ली से इन उन्नत उपकरणों को इलाहाबाद मंगाने के लिए केंद्रीय खेल मंत्रालय को पत्र भी लिखा है लेकिन मंत्रालय की ओर से इस दिशा में अभी तक कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Story first published: Thursday, December 23, 2010, 20:00 [IST]
Other articles published on Dec 23, 2010
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+