तेंदुलकर का अर्धशतक, नतीजे के आसार क्षीण हुए (लीड-2)
भारतीय टीम ने दूसरी पारी के आधार पर मेहमान टीम पर सात रनों की बढ़त हासिल कर ली है। उसके छह बल्लेबाज सुरक्षित हैं लेकिन अंतिम दिन केवल 30 ओवरों का खेल बाकी रह गया है। इस लिहाज से इस मैच का परिणाम निकलने का आसार बहुत कम हो गया है।
चायकाल तक तेंदुलकर 143 गेंदों पर छह चौकों की मदद से 55 रन बनाकर खेल रहे थे जबकि वी.वी.एस.लक्ष्मण 78 गेंदों पर दो चौकों की मदद से 28 रन बनाकर उनका साथ दे रहे थे।
शुक्रवार को तेंदुलकर ने क्रिकेट के एक और शिखर को छुआ। अपनी अर्धशतकीय पारी के दौरान 35 रन बनाते ही तेंदुलकर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 30,000 रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए।
तेंदुलकर को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 30,000 रनों का आंकडा छूने के लिए इस मैच से महज 39 रनों की दरकार थी। परंतु इस टेस्ट की पहली पारी में वह सिर्फ चार रन ही बना सके थे।
दूसरी पारी में आखिरकार उन्होंने इस शिखर को छू ही लिया। अहमदबाद टेस्ट से पहले तक सचिन कुल 596 अंतर्राष्ट्रीय मैच (टेस्ट, एकदिवसीय एवं ट्वेंटी-20) खेले थे जिनमें उन्होंने 29,961 रन बनाए थे। उसमें उनके 87 शतक भी शामिल हैं।
वैसे भी मोटेरा का मैदान मास्टर ब्लास्टर के लिए अब तक भाग्यशाली रहा है। इस मैच से पहले तक इस मैदान पर उन्होंने छह मैच खेले जिनमें 43.00 की औसत से 473 रन बनाए। इस दौरान यहां उन्होंने दो शतक भी लगाए हैं। मोटेरा में उनका उच्चतम स्कोर 217 रनों का है।
सचिन ने बीते 15 नवंबर को अंतर्राष्ट्रीय करियर में 20 वर्ष पूरे कर लिए। इस दौरान उन्होंने 159 टेस्ट मैच खेला है जिनमें 54.58 की औसत से 12,773 रन बनाया है। इनमें 42 शतक शामिल हैं।
एकदिवसीय मैचों में भी कोई खिलाड़ी उनके आसपास नहीं फटकता। उन्होंने 436 एकदिवसीय मैचों में 44.50 की औसत से 17,178 रन बनाए हैं, जिनमें 45 शतक शामिल हैं।
बहरहाल, चौथे दिन 74 रनों के निजी स्कोर पर नाबाद लौटे गंभीर ने पांचवें दिन भोजनकाल से ठीक पहले अपने टेस्ट करियर का सातवां शतक जड़ा। गंभीर ने अपनी 230 गेंदों की मैराथन पारी के दौरान 13 चौके जड़े। गंभीर को रंगना हेराथ ने धम्मिका प्रसाद के हाथों कैच कराया।
खेल के अंतिम दिन अमित मिश्रा के रूप में भारतीय टीम को तीसरा झटका लगा। गंभीर के अलावा मिश्रा पर भी यह जिम्मेदारी थी कि वे लंबे समय तक मैदान पर डटे रहें लेकिन गुरुवार को नाइटवॉॅचमैन की भूमिका में उतरे मिश्रा ज्यादा देर इस जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं कर सके। एंजेलो मैथ्यूज की गेंद पर तिलरत्ने दिलशान ने उनका शानदार कैच लपक लिया। मिश्रा ने 24 रन बनाए।
इससे पहले, खेल का चौथा दिन भारतीय गेंदबाजी की नाकामी के नाम रहा। श्रीलंकाई टीम ने सात विकेट पर 760 रनों पर घोषित कर दी थी। भारतीय गेंदबाज विकेटों के लिए संघर्ष करते रहे लेकिन माहेला जयवर्धने और प्रसन्ना जयवर्धने की जोड़ी के सामने उनकी एक न चली।
माहेला 275 रनों के निजी स्कोर पर आउट हुए। उन्होंने बुधवार को ही दोहरा शतक जड़ा दिया था। उनके टेस्ट करियर का यह 27 वां शतक है। चौथे दिन प्रसन्ना ने भी शतक जड़ा। वह 154 रनों पर नाबाद रहे।
श्रीलंका की ओर से दिलशान ने 133 गेंदों का सामना करते हुए 112 रन बनाए थे। भारत की ओर से जहीर खान, ईशांत शर्मा और हरभजन सिंह ने दो-दो विकेट झटके। मिश्र्रा ने भी माहेला के रूप में एक विकेट अपने नाम किया।
पहली पारी में भारतीय टीम ने 426 रनों का स्कोर खड़ा किया था। राहुल द्रविड़ ने 177 रनों की पारी खेली थी। उनके अलावा कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने 110 और युवराज सिंह ने 68 रनों का योगदान दिया था। श्रीलंका की ओर से चनाका वेलेगेदारा ने चार विकेट और मुथैया मुरलीधरन ने तीन विकेट चटकाए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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