मैंने नहीं लिएंडर पेस ने तोड़ी जोड़ी: महेश भूपति
नयी दिल्ली। भारतीय टेनिस की नंबर वन जोड़ी लिएंडर पेस और महेश भूपति अब एकसाथ नहीं खलते। इनकी जोड़ी हाल ही में टूटी है, लेकिन भूपति की मानें तो इस जोड़ी को तोड़ने वाले वो नहीं बल्कि पेस हैं।
टेनिस स्टार महेश भूपति ने दावा किया है कि अलग होने का फैसला उनका नहीं बल्कि लिएंडर पेस का था, क्योंकि उनका मानना है कि वे साथ खेलने के लिये बहुत उम्रदराज हैं और स्थायी आधार पर एकजुट नहीं हो पा रहे थे। भूपति ने कहा कि हर किसी की अपनी राय होती है। लिएंडर का मानना है कि हमारी टीम को युवा जोड़ीदारों की जरूरत है। दुर्भाग्य की बात है कि यही लब्बोलुआब है।
भूपति और पेस नौ साल बाद एकजुट हुए थे, और उनका इरादा अगले साल ओलंपिक में साथ खेलने का था। लेकिन वे इस सत्र के आखिर में अलग हो गए। भूपति अब रोहन बोपन्ना के साथ खेलेंगे और पेस चेक गणराज्य के राडेक स्टीपानेक को जोड़ीदार बनायेंगे। भूपति ने कहा कि अतीत की तरह दोनांे के बीच कोई मतभेद नहीं हुआ है, लेकिन उन्होंने कहा कि इस अलगाव को समझ पाना उनके लिये मुश्किल है।
उन्होंने कहा, "मेरे लिये इस फैसले को समझ पाना मुश्किल है। यह मेरा फैसला नहीं है। जब हमने पिछले साल साथ खेलना शुरू किया तो ओलंपिक, आस्टेलिया और विश्व चैम्पियनशिप लक्ष्य था। लेकिन जैसा कि मैने कहा, लिएंडर की राय अलग थी और मैं इसका सम्मान करता हूं। हम पेशेवर हैं। हम दोनों को खेलना और जीतना पसंद है।"
उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि इससे भारत की पदक जीतने की उम्मीदों पर असर पड़ेगा। भूपति ने कहा कि उनके दिल में एक दूसरे के लिये कोई कड़वाहट नहीं है। उन्होंने कहा , शंघाई से लौटने के बाद हमने बात की और उसके बाद से हम अच्छा खेल रहे थे। कोई कड़वाहट नहीं है। उसकी अपनी राय है और मैं उसका सम्मान करता हूं। इसकी वजह से अब अगले साल हम नये जोड़ीदारों के साथ खेलेंगे।
उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि ओलंपिक से बढकर कुछ नहीं और उसके लिये अच्छी तैयारी की जरूरत है क्योंकि ओलंपिक पदक जीतना बहुत कठिन है। जैसा कि मैने कहा है कि हमें देखना है कि क्या होता है। भारत की सर्वश्रेष्ठ टीम ही खेलेगी।" भूपति ने इस बात का कोई जवाब नहीं दिया कि ओलंपिक से पहले उनके और पेस के साथ खेलने की कोई संभावना है या नहीं।
उन्होंने कहा, "आप भी भारतीय टेनिस प्रबंधन की तरह कन्फ्यूज लग रहे हैं। ओलंपिक में अभी सात महीने हैं। उससे पहले बहुत सारे मैच जीतने हैं। भारतीय टेनिस के लिये अच्छी बात यह है कि हमारे पास अब तीन विकल्प है। मुझे यकीन है कि भारत की सर्वश्रेष्ठ टीम ओलंपिक में खेलेगी। उन्होंने कहा, जिंदगी में किसी चीज की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। लेकिन हकीकत यह है कि मैं अगले साल रोहन के साथ खेलूंगा और चेन्नई ओपन से पहले हमें काफी अभ्यास करना है।
टेनिस स्टार महेश भूपति ने दावा किया है कि अलग होने का फैसला उनका नहीं बल्कि लिएंडर पेस का था, क्योंकि उनका मानना है कि वे साथ खेलने के लिये बहुत उम्रदराज हैं और स्थायी आधार पर एकजुट नहीं हो पा रहे थे। भूपति ने कहा कि हर किसी की अपनी राय होती है। लिएंडर का मानना है कि हमारी टीम को युवा जोड़ीदारों की जरूरत है। दुर्भाग्य की बात है कि यही लब्बोलुआब है।
भूपति और पेस नौ साल बाद एकजुट हुए थे, और उनका इरादा अगले साल ओलंपिक में साथ खेलने का था। लेकिन वे इस सत्र के आखिर में अलग हो गए। भूपति अब रोहन बोपन्ना के साथ खेलेंगे और पेस चेक गणराज्य के राडेक स्टीपानेक को जोड़ीदार बनायेंगे। भूपति ने कहा कि अतीत की तरह दोनांे के बीच कोई मतभेद नहीं हुआ है, लेकिन उन्होंने कहा कि इस अलगाव को समझ पाना उनके लिये मुश्किल है।
उन्होंने कहा, "मेरे लिये इस फैसले को समझ पाना मुश्किल है। यह मेरा फैसला नहीं है। जब हमने पिछले साल साथ खेलना शुरू किया तो ओलंपिक, आस्टेलिया और विश्व चैम्पियनशिप लक्ष्य था। लेकिन जैसा कि मैने कहा, लिएंडर की राय अलग थी और मैं इसका सम्मान करता हूं। हम पेशेवर हैं। हम दोनों को खेलना और जीतना पसंद है।"
उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि इससे भारत की पदक जीतने की उम्मीदों पर असर पड़ेगा। भूपति ने कहा कि उनके दिल में एक दूसरे के लिये कोई कड़वाहट नहीं है। उन्होंने कहा , शंघाई से लौटने के बाद हमने बात की और उसके बाद से हम अच्छा खेल रहे थे। कोई कड़वाहट नहीं है। उसकी अपनी राय है और मैं उसका सम्मान करता हूं। इसकी वजह से अब अगले साल हम नये जोड़ीदारों के साथ खेलेंगे।
उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि ओलंपिक से बढकर कुछ नहीं और उसके लिये अच्छी तैयारी की जरूरत है क्योंकि ओलंपिक पदक जीतना बहुत कठिन है। जैसा कि मैने कहा है कि हमें देखना है कि क्या होता है। भारत की सर्वश्रेष्ठ टीम ही खेलेगी।" भूपति ने इस बात का कोई जवाब नहीं दिया कि ओलंपिक से पहले उनके और पेस के साथ खेलने की कोई संभावना है या नहीं।
उन्होंने कहा, "आप भी भारतीय टेनिस प्रबंधन की तरह कन्फ्यूज लग रहे हैं। ओलंपिक में अभी सात महीने हैं। उससे पहले बहुत सारे मैच जीतने हैं। भारतीय टेनिस के लिये अच्छी बात यह है कि हमारे पास अब तीन विकल्प है। मुझे यकीन है कि भारत की सर्वश्रेष्ठ टीम ओलंपिक में खेलेगी। उन्होंने कहा, जिंदगी में किसी चीज की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। लेकिन हकीकत यह है कि मैं अगले साल रोहन के साथ खेलूंगा और चेन्नई ओपन से पहले हमें काफी अभ्यास करना है।
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:17 [IST]
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