पहली पारी में भारत के दोनों सलामी बल्लेबाजों वीरेंद्र सहवाग और मुरली विजय ने बेहतरीन शुरुआत की। दोनों ने बिना कोई गलती किए पारी को आगे बढ़ाया। भोजनकाल तक सहवाग 53 और विजय 38 रन बनाकर नाबाद थे।
इससे पहले खेल के दूसरे दिन श्रीलंका की पहली पारी 393 रनों पर सिमट गई। एंजेलो मैथ्यूज शतक से चूक गए और 99 रनों के निजी स्कोर पर रन आउट हुए। पहले दिन के स्कोर आठ विकेट पर 366 रनों से आगे खेलते हुए मैथ्यूज ने अपनी टीम का स्कोर 400 रनों के पार ले जाने की भरपूर कोशिश की लेकिन वह कामयाब नहीं हो सके। खेल के पहले सत्र में ही मैथ्यूज और चनाका वेलेगेदारा के रूप में श्रीलंका के शेष दो विकेट भी गिर गए। दूसरे दिन श्रीलंकाई टीम महज 27 रन ही जोड़ सकी।
खेल के पहले दिन हरभजन सिंह की शानदार गेंदबाजी की बदौलत भारतीय टीम मेहमानों पर कुछ हद तक अंकुश लगाने में सफल रही थी। परंतु तिलकरत्ने दिलशान ने शतक लगाकर अपनी टीम को सम्मानजक स्थिति में पहुंचा दिया था। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला करने वाली श्रीलंकाई टीम के सलामी बल्लेबाजों दिलशान और परानाविताना ने संभलकर शुरुआत की थी। पहले विकेट के लिए दोनों ने 93 रनों की बेहतरीन साझेदारी की थी।
दिलशान ने 109 रन बनाए थे। उनके करियर का यह 11वां शतक है। परानाविताना ने भी 53 रनों का योगदान दिया था। भारत की ओर से हरभजन ने चार और प्रज्ञान ओझा ने तीन विकेट झटके। जहीर खान और एस. श्रीसंत को भी एक-एक विकेट मिला।
गौरतलब है कि कानपुर में खेले गए श्रृंखला के दूसरे मैच में पारी और 144 रनों से जीत हासिल कर भारतीय क्रिकेट टीम श्रृंखला में 1-0 से आगे है। अहमदाबाद में खेला गया पहला मैच ड्रा रहा था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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