समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक एंके की विधवा एरेका ने टेरेसा एंके ने कहा,"अपनी बेटी लारा की मौत के बाद हमने सोचा था कि हम इस त्रासदी से उबरते हुए बहुत कुछ हासिल करेंगे। परंतु आप हमेशा सबकुछ हासिल नहीं कर पाते।"
एंके ने मंगलवार शाम अपने घर के निकट एक रेलगाड़ी के सामने आकर आत्महत्या कर ली थी। उनके कल्ब हनोवर 96 के अध्यक्ष मार्टिन काइंड ने 32 वर्षीय एंके की मौत को एक त्रासदी करार दिया। उन्होंने कहा, "आप बहुत चीजों की उम्मीद रखते हैं, लेकिन ऐसा होने की उम्मीद नहीं होती। मैं नहीं जानता कि यह कैसे और क्यों हुआ? मैं नहीं मानता कि इस घटना का ताल्लुक फुटबाल के साथ रहा होगा।"
जेस लेहमन के संन्यास लेने के बाद एंके को जर्मनी का सबसे अच्छा गोलकीपर कहा जाने लगा था। बीमार होने की वजह वह जर्मनी की ओर से पिछले चार अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले नहीं खेल पाए थे। बीते सप्ताहांत वह अपने क्लब हनोवर की ओर से खेले थे।
जर्मन फुटबाल टीम के कोच जोएचिम लोएव का कहना रहा है कि एंके एक बेहतरीन गोलकीपर थे और वर्ष 2010 के विश्व कप के लिए उनका चयन पक्का था।
लगभग दो साल पहले दिल की बीमारी की वजह से एंके की दो वर्षीय बेटी लारा का निधन हुआ था। इसके बाद उन्होंने और उनकी पत्नी ने एक बच्ची को गोद लिया था।
गौरतलब है कि 28 मार्च, 2007 को एंके ने जर्मनी के लिए पहला अंतर्राष्ट्रीय मैच डेनमार्क के खिलाफ खेला था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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