तेंदुलकर 53 रन बनाकर 558 रनों के व्यक्तिगत योग पर पेवेलियन लौटे। उन्हें नुवान कुलसेकरा ने बोल्ड किया। तेंदुलकर ने 103 गेंदों का सामना करते हुए छह चौके लगाए।
खबर लिखे जाने तक भारतीय टीम ने चार विकेट के नुकसान पर 566 रन बना लिए थे। वी.वी.एस. लक्ष्मण 74 गेंदों पर छह चौकों की मदद से 47 रन बनाकर विकेट पर थे जबकि युवराज सिंह ने एक रन बनाया था।
श्रीलंका की पहली पारी को 393 रनों पर समेटने के बाद भारतीय टीम ने अब तक 176 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली है।
दूसरे दिन की समाप्ति तक एक विकेट के नुकसान पर 443 रन बनाने वाली भारतीय टीम को तीसरे दिन के पहले सत्र में ही जोरदार झटका लगा। दूसरे दिन 284 रनों पर नाबाद लौटने वाले सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग तिहरे शतक से चूक गए।
तीसरे दिन हर क्रिकेट प्रेमी की नजर सहवाग पर ही थी लेकिन वह इतिहास की दहलीज पर पहुंच कर चूक गए। वह 293 रनों के स्कोर पर मुथैया मुरलीधरन की गेंद पर चकमा खा गए और अपना विकेट गवां बैठे।
सहवाग के विदा होने के बाद राहुल राहुल द्रविड़ भी 74 रन बनाकर पेवेलियन लौट गए। सहवाग के साथ दूसरे विकेट के लिए 237 रनों की विशाल साझेदारी करने वाले द्रविड़ ने अपने करियर का 58वां अर्धशतक लगाया।
खेल का दूसरा दिन पूरी तरह से भारतीय टीम के नाम रहा था। भारत की ओर से मुरली विजय ने भी 87 रनों की पारी खेली। दूसरे दिन ही श्रीलंका की पहली पारी 393 रनों पर सिमट गई थी। एंजेलो मैथ्यूज शतक से चूक गए और 99 रनों के निजी स्कोर पर रन आउट हुए।
पहले दिन तिलकरत्ने दिलशान ने शतक लगाकर अपनी टीम को सम्मानजक स्थिति में पहुंचा दिया था। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला करने वाली श्रीलंकाई टीम के सलामी बल्लेबाजों दिलशान और परानाविताना ने संभलकर शुरुआत की थी।
पहले विकेट के लिए दोनों ने 93 रनों की बेहतरीन साझेदारी की थी। दिलशान ने 109 रन बनाए थे। उनके करियर का यह 11वां शतक है। परानाविताना ने भी 53 रनों का योगदान दिया था। भारत की ओर से हरभजन सिंह ने चार और प्रज्ञान ओझा ने तीन विकेट झटके।
जहीर खान और एस. श्रीसंत को भी एक-एक विकेट मिला। कानपुर में खेले गए श्रृंखला के दूसरे मैच में पारी और 144 रनों से जीत हासिल कर भारतीय क्रिकेट टीम श्रृंखला में 1-0 से आगे है। अहमदाबाद में खेला गया पहला मैच ड्रा रहा था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।