राष्ट्रमंडल खेल : सानिया ने एशियाई खेलों में बेहतर प्रदर्शन का भरोसा दिलाया

By Staff

सानिया ने मुख्य मीडिया सेंटर में सोमवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि देश के लिए खेलना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक नहीं जीत पाने का उन्हें दुख है लेकिन खुशी इस बात की है कि वह कड़े मुकाबले के बाद हारीं।

सानिया ने कहा, "मेरे लिए देश सबसे पहले आता है। मैं निश्चित तौर पर स्वर्ण जीतना चाहती हूं लेकिन सोची हुई हर बात सच नहीं होती। स्वर्ण से चूकने का मुझे अफसोस है लेकिन खुशी इस बात की है मैं देश के लिए दो पदक हासिल करने में सफल रही। रोडियोनोवा के साथ मेरा फाइनल मुकाबला काफी कठिन था और अच्छे मैच के बाद हारने पर थोड़ा कम अफसोस होता है।"

सानिया ने कहा कि वह शारीरिक और मानसिक तौर पर खुद को पेशेवर टेनिस के लिए फिट महसूस कर रही हैं और इसका फायदा उन्हें एशियाई खेलों में मिलेगा, जहां जापान और चीन की कुछ अच्छी खिलाड़ियों का साथ उनका सामना हो सकता है।

बकौल सानिया, "मेरी कलाई मेरा साथ दे रही है। चोट के कारण नौ महीने के सत्र में पांच महीने बाहर रहना अफसोसजनक है लेकिन अब मैं खुश हूं कि मेरा शरीर मेरे खेल के साथ सामंजस्य बैठाने में सफल रहा है। मैं विंबलडन के बाद से लगातार खेल रही हूं और इस दौरान मैंने एक बार भी असहज मसहूस नहीं किया है।"

सानिया ने अपने सबसे चहेते क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर को 14000 टेस्ट रन और 49वां टेस्ट शतक लगाने पर बधाई भी दी। सानिया से जब यह पूछा गया कि उनके सबसे चहेते खिलाड़ी तेंदुलकर ने एक और मील का पत्थर स्थापित किया है, तो उन्होंने सबसे पहले यह कहा कि राष्ट्रमंडल खेल के संवाददाता सम्मेलन में क्रिकेट पर चर्चा ठीक नहीं। इसके बाद सानिया ने तेंदुलकर को बधाई दी।

सानिया ने कहा, "तेंदुलकर मेरे ही नहीं, यहां मौजूद अधिकांश लोगों के चहेते हैं। मैं उन्हें इस शानदार सफलता पर बधाई देती हूं। हम सभी आशा करते हैं कि वह आने वाले लम्बे समय तक यूंही टीम जीत को आधार देते रहें। वह भारतीय क्रिकेट टीम के लिए किले के समान हैं।"

सानिया ने इस मौके पर निशानेबाज गगन नारंग की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि गगन ने 19वें राष्ट्रमंडल खेलों में पदकों की झड़ी लगाकर साबित कर दिया है कि वह विश्व के सबसे प्रतिभाशाली निशानेबाजों में से एक हैं।

सानिया ने कहा, "गगन हमारे गौरव हैं। मेरी छोटी बहन उनकी बहुत बड़ी प्रशंसक है। वह भी मेरे पिता और मां के साथ यहां आई है। यहां आने के बाद उसने सबसे पहले गगन का मुकाबला देखने की जिद की और इसके लिए गई भी। हम सभी गगन को चाहते हैं। वह महान खिलाड़ी हैं।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Story first published: Monday, October 11, 2010, 2:27 [IST]
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