श्रृंखला जीत इतिहास रचने के इरादे से उतरेगा भारत
भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट श्रृंखला जीतने में असफल रही है। ऐसे में कप्तान महेंद्र सिंह धौनी की नजरें यहां पहली टेस्ट श्रृंखला जीतने पर लगी हैं।
भारत ने इस मैदान पर अब तक तीन टेस्ट मैच खेले हैं जिसमें दो में उसे हार का सामना करना पड़ा है और एक मैच ड्रॉ रहा है। भारत ने यहां पहला टेस्ट मैच 1993 में खेला था जो ड्रॉ रहा था। इसके बाद 1997 में खेले गए टेस्ट मैच में मेजबान दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 287 रनों से हराया था। भारत ने इस मैदान पर अपना आखिरी टेस्ट मैच 2007 में खेला था और उसमें भी मेजबान ने मेहमान टीम को पांच विकेट से पराजित किया था।
मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने इस मैदान पर तीन टेस्ट मैच खेले हैं और उन्होंने 65.80 की औसत से 329 रन बनाए हैं जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल है। इस मैदान पर तेंदुलकर का सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर 169 रहा है।
भारतीय टीम की 'दीवार' कहे जाने वाले राहुल द्रविड़ और वेरी-वेरी स्पेशल पारियां खेलने वाले वी.वी.एस. लक्ष्मण यहां अपने नाम के अनुरूप प्रदर्शन करने में असफल रहे हैं। द्रविड़ ने यहां दो टेस्ट मैच खेले हैं और 22.05 की औसत से 90 रन बनाए हैं जबकि लक्ष्मण ने 21.33 की औसत से 64 रन बनाए हैं।
भारतीय तेज गेंदबाज जहीर खान ने यहां खेले एक मात्र टेस्ट मैच में पांच विकेट झटके हैं वहीं शांताकुमारन श्रीसंत की झोली में सिर्फ दो विकेट दर्ज है।
न्यूलैंड्स की पिच बल्लेबाजों के मुफीद है। ऐसे में भारत के दिग्गज बल्लेबाज इसका भरपूर फायदा उठाना चाहेंगे। न्यूलैंड्स के पिच क्यूरेटर इवन फ्लिंट ने उम्मीद जताई है कि यहां की विकेट बल्लेबाजों के लिए मददगार होगी और मुकाबला पांच दिनों तक चलेगा।
फ्लिंट ने कहा, "न्यूलैंड्स की विकेट शुरू से बल्लेबाजी के लिए मददगार रही है। पिछले वर्ष के मुताबिक इस बार इसमें ज्यादा परिवर्तन नहीं किया गया है। यह पिच दोनों टीमों के बल्लेबाजों के लिए अनुकूल है।"
भारत को शानदार शुरुआत दिलाने की जिम्मेदारी एक बार फिर सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग और गौतम गम्भीर के कंधों पर होगी। देखना दिलचस्प होगा कि सहवाग इस मैच में खेलते हैं या नहीं क्योंकि दक्षिण अफ्रीका के साथ खेले जाने वाले एकदिवसीय श्रृंखला से सहवाग को कंधे की चोट के कारण टीम से बाहर होना पड़ा है।
यह उम्मीद लगाई जा रही है कि मुरली विजय को एक बार फिर बाहर बैठना पड़ेगा और उनकी जगह चोट से वापसी करने वाले गम्भीर लेंगे। टेस्ट मैचों में शतकों का अर्धशतक बनाने वाले तेंदुलकर से भारतीय टीम को काफी उम्मीदें होंगी। तेंदुलकर का इस मैदान पर रिकॉर्ड शानदार रहा है।
मध्यक्रम की जिम्मेदारी द्रविड़ और लक्ष्मण के कंधों पर होगी। द्रविड़ यहां अपना रिकॉर्ड सुधारना चाहेंगे। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में खेले 20 पारियों में केवल एक शतक लगाया है।
धौनी ने भी फॉर्म में आने के संकेत दे दिए हैं वहीं चेतेश्वर पुजारा के लिए यह अच्छा मौका है कि वह यहां बड़ा स्कोर बनाएं। तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी जहीर, श्रीसंत और ईशांत के कंधों पर होगी वहीं स्पिन आक्रमण की बागडोर हरभजन सिंह सम्भालेंगे।
दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका के लिए यह मैदान अच्छा नहीं रहा है। मेजबान टीम ने यहां 45 टेस्ट मैच खेले हैं जिसमें 17 मैचों में उसे जीत मिली है जबकि 19 मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा है। वहीं नौ मैच ड्रॉ रहे हैं।
दक्षिण अफ्रीकी टीम को तेज शुरुआत दिलाने की जिम्मेदारी कप्तान ग्रीम स्मिथ और एल्वीरो पीटरसन से होगी वहीं मध्यक्रम में हाशिम अमला, जैक्स कैलिस और अब्राहम डिविलियर्स से एक बार फिर बड़ी पारी की उम्मीद होगी।
इन बल्लेबाजों ने बीते वर्ष खूब रन बनाए हैं और इस समय शानदार फॉर्म में हैं। तेज गेंदबाजी का आक्रमण डेल स्टेन और मोर्न मोर्कल सम्भालेंगे जबकि स्पिन की जिम्मेदारी पॉल हैरिस के कंधों पर होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
- Male
- Female
- Others
- Under 18
- 18 to 25
- 26 to 35
- 36 to 45
- 45 to 55
- 55+


Click it and Unblock the Notifications