bbc-Staff
आखिरकार नडाल ने भी विंबलडन ख़िताब जीतनेवालों में अपना खाता खोल ही लिया. इस बार का ख़िताब गया रफ़ाएल नडाल के पास. दुनिया का नंबर एक खिलाड़ी दूसरे नंबर के खिलाड़ी से हार गया.
पाँच सेटों के मुक़ाबले में लोगों की सांसें थमी हुई थीं. अंधेरा होने को था और ऐसा लगने लगा था कि शायद आज खेल का फ़ैसला न हो पाए. पर तीसरा औऱ चौथा सेट जीतकर मैच को बराबरी पर ला खड़ा करने वाले फ़ेडरर पाँचवें सेट में नडाल से हार गए.
ये लगातार तीसरा साल था जब दोनों खिलाड़ी विंबलडन में फ़ाइनल के लिए एक दूसरे के आमने-सामने आए. रविवार को जब मुक़ाबला शुरू हुआ तो एक ओर फ़ेडरर पर ज़ोर था कि वो अपनी जीत का क्रम जारी रखें तो वहीं नडाल के मन में इस बार जीत हासिल कर लेने की बेचैनी थी.
जीत की तमन्ना...
पिछले दो वर्षों से विंबलडन के ख़िताबी मुक़ाबले में रोजर फ़ेडरर नडाल को हरा रहे थे. पिछले महीने ही नडाल ने 'फ्रेंच ओपन' के फ़ाइनल में फ़ेडरर को हराकर ख़िताब जीता था और अब एक ही सीजन में दूसरा ख़िताब जीतकर नडाल ने सबको हतप्रभ कर दिया है.
वैसे फ़ेडरर के लिए ये साल अच्छा नहीं रहा है. पिछला सीज़न ख़त्म होते-होते वो बीमार हो गए थे जिसके बाद वो जनवरी में नोवाक जोकोविक के हाथों ऑस्ट्रेलियन ओपन का फ़ाइनल हार गए थे.
इस साल अब तक उनकी झोली में दो छोटे ख़िताब ही आ सके. अगर रोजर फ़ेडरर इस बार विंबलडन का ख़िताब जीतते तो यह उनकी लगातार छठी जीत होती और वो टेनिस के महान खिलाड़ी ब्योर्न बोर्ग का रिकॉर्ड तोड़ पाते.
बोर्ग ने लगातार पाँच बार विंबलडन का ख़िताब जीता था. फ़ेडरर ने पिछले साल ही बोर्ग के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली थी.
Story first published: Monday, July 7, 2008, 2:40 [IST]
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Jul 7, 2008