कानपुर की मैरीकॉम चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए बना रही पतंग
लखनऊ। भारत में क्रिकेट के आगे हर खेल जिस तरह से सिसकियां लेते हुए अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं उसका अंदाजा आपको कानपुर की इस मैरीकॉम की हालत देखकर लग जाएगा।
कानपुर में किसी समय मैरीकॉम के नाम से जाने जानी वाली रुक्सार ने बॉक्सिंग में कई पदक जीते हैं और राज्य का नाम काफी रौशन किया है। बावजूद इशके रुक्सार अक्टूबर में होने वाली चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए पतंग बनाकर पैसे इकट्ठा कर रही हैं।
कानपुर के मछरिया इलाके में रहने वाली रुक्सार बानो ने कई चैंपियनशिप में खिताब जीते हैं। उनहोंने राष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप में दस जबकि राज्य चैंपिनयशिप में कई पदक अपने नाम किये हैं।
लेकिन इन सब उपलब्धियों के बावजूद रुक्सार को अपने परिवार संग मिलकर घर चलाने के लिए पतंग बनाने का काम करना पड़ता है। जिसके चलते पूरा दिन काम करने पर उनके परिवार वालों को महज 80 रुपए मिलते हैं।
रुक्सार की आर्थिक हालत इस कदर खराब है कि उसके पास जूते खरीदने तक के पैसे नहीं है। रुक्सार ने 12 राज्य प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है।
राज्य स्तर पर जीते मेडल
- 2006 में लखनऊ-बुलंदशहर में गोल्ड मेडल
- 2007 में गाजियाबाद-मुरादाबाद में गोल्ड मेडल
- 2008 में लखनऊ में गोल्ड मेडल
- 2009 में बुलंदशहर-कानपुर में गोल्ड मेडल
- 2011 में बुलंदशहर और लखनऊ में गोल्ड मेडल
- 2012 में झांसी में गोल्ड मेडल
- 2013 में मुजफ्फरनगर में गोल्ड मेडल।
राष्ट्रीय स्तर पर जीते पदक
- 2006 में पटियाला में कांस्य पदक
- 2007 में काकीनाणा में कांस्य पदक
- 2009 में पटना में कांस्य पदक
- 2012 में पटियाला में कांस्य पदक
- 2010 में इरोड में जीता कांस्य पदक
- Male
- Female
- Others
- Under 18
- 18 to 25
- 26 to 35
- 36 to 45
- 45 to 55
- 55+


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