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कस्टर्न ने मेरे खेल में चमत्कारिक बदलाव किया : गम्भीर

नई दिल्ली, 25 जनवरी (आईएएनएस)। सलामी बल्लेबाज गौतम गम्भीर का मानना है कि जब भारतीय क्रिकेट टीम में वह अपना स्थान बनाने के लिए जूझ रहे थे तब भगवान ने कोच के रूप में गैरी कर्स्टन को उनके पास भेजा।

दिल्ली के बल्लेबाज गम्भीर ने अपनी शानदार बल्लेबाजी का श्रेय दक्षिण अफ्रीका के पूर्व सलामी बल्लेबाज कर्स्टन को दिया। उनका कहना है कि हम दोनों ने एक खिलाड़ी और एक व्यक्ति के रूप में एक दूसरे को सही तरीके से समझा।

29 वर्षीय गम्भीर का मानना है कि कर्स्टन की उपस्थिति से ड्रेसिंग रूम का महौल शानदार रहा है और कर्स्टन ने खिलाड़ियों में गजब का आत्मविश्वास जगाया है।

कर्स्टन भारतीय टीम के कोच पद पर वर्ष 2008 में नियुक्त किए गए थे। कर्स्टन की देखरेख में भारत ने टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया।

गम्भीर ने आईएएनएस से कहा, "कर्स्टन ने मेरे खेल पर काम किया। दूसरे कोच के मुकाबले उन्होंने मुझे काफी मदद की। उन्होंने कभी भी मुझे अपने खेल शैली में बदलाव करने को नहीं कहा।"

गम्भीर ने कहा, "कर्स्टन ने मेरी बुनियादी कमजोरियों पर ध्यान दिया और हमने उसे सुधारने की कोशिश की। उन्होंने मेरा काफी उत्साहवर्धन किया।

बाएं हाथ के बल्लेबाज गम्भीर ने वर्ष 2004 में टेस्ट क्रिकेट में पर्दापण किया था। वर्ष 2007 तक टेस्ट में उनके नाम मात्र एक शतक था वहीं वर्ष 2008 में गम्भीर के नाम टेस्ट मैचों में दो और शतक जुड़ गए। इसके अलावा उसी वर्ष उन्होंने दोहरा शतक भी लगाया।

गम्भीर के लिए वर्ष 2009 काफी यादगार रहा जब उन्होंने पांच टेस्ट मैचों में चार शतक लगाए। इसके बाद उन्हें अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की ओर से टेस्ट प्लेयर ऑफ द ईयर के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

हाल में दक्षिण अफ्रीका में सम्पन्न टेस्ट श्रृंखला के बाद हाथ में चोट के कारण स्वदेश लौटने वाले गम्भीर ने कहा, " मेरे लिए टेस्ट क्रिकेट खेल का सबसे महत्पूर्ण रूप है। किसी भी खिलाड़ी के तकनीक परीक्षण के लिए सिर्फ तीन-चार घंटे में एक मैच में 10 गेंदें खेलना काफी नहीं है।"

गम्भीर ने कहा, "मैं टेस्ट क्रिकेट खेलने में काफी नर्वस था लेकिन कर्स्टन ने मुझे काफी मदद की और मैं उन्हें धन्यवाद कहूंगा।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Story first published: Tuesday, January 25, 2011, 18:25 [IST]
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