फार्मूला वन रेस शुरू, जाने एफ1 से जुड़े रोचक तथ्य
फार्मूला वन रेस की भारतीय जमीन पर शुरूआत हो चुकी है। आज से फार्मूला वन रेस के अभ्यास रेसों का दौर शुरू हो गया है। यह प्रतियोगिता नोएडा के बुद्व इंटरनेशनल सर्किट में चल रही है। इस रेस में दुनिया भर से आयीं 12 टीमें हिस्सा ले रहीं हैं। जहां एक तरफ यह खेल बेहद ही रोमांचकारी है, वहीं इस खेल के पर्दे के पिछे की दुनिया भी काफी रोचक है।
शुक्रवार की सुबह दस बजे से अभ्यास रेस शुरू हो गईं। आज सभी टीमें ट्रैक पर अभ्यास करेंगी और कल क्वालीफाईंग रेस होगी। उसके बाद 30 अक्टूबर को फाइनल रेस होगी। आपको बता दें कि रेस की दुनिया के बेताज बादशाह माइकल शुमाकर भी इस रेस में हिस्सा ले रहे हैं। पिछली रेस में उन्हे हार का सामना करना पड़ा था, इस रेस में उन्हे वापसी की पूरी उम्मीद है। इस प्रतियोगिता बाहरी पहलू जितना रोमांचकारी है, उतना ही इसके पीछे भी रोमांच भरा हुआ है। आइए हम आपको बतातें है इस रेस से जुडे कुछ रोचक तथ्यों के बारें में।
एफ1 कार से जुड़ी रोचक जानकारी:
शुक्रवार की सुबह दस बजे से अभ्यास रेस शुरू हो गईं। आज सभी टीमें ट्रैक पर अभ्यास करेंगी और कल क्वालीफाईंग रेस होगी। उसके बाद 30 अक्टूबर को फाइनल रेस होगी। आपको बता दें कि रेस की दुनिया के बेताज बादशाह माइकल शुमाकर भी इस रेस में हिस्सा ले रहे हैं। पिछली रेस में उन्हे हार का सामना करना पड़ा था, इस रेस में उन्हे वापसी की पूरी उम्मीद है। इस प्रतियोगिता बाहरी पहलू जितना रोमांचकारी है, उतना ही इसके पीछे भी रोमांच भरा हुआ है। आइए हम आपको बतातें है इस रेस से जुडे कुछ रोचक तथ्यों के बारें में।
एफ1 कार से जुड़ी रोचक जानकारी:
- कार का स्टीयरिंग बच्चों द्वारा खेले जाने वाले किसी विडीयों गेम के कन्ट्रोलर की तरह होता है।
- स्टीयरिंग में ही क्लच, स्पीडो मीटर, कार विंग कन्ट्रोलर, और रेडियो ट्रांसमीटर लगा होता है, जिसकी मदद से चालक कन्ट्रोल रूम से सीधे जुड़ा रहता है।
- एक सीजन में एक टीम कुल 2 लाख लीटर तेल खाती है, यानी करीब 1 करोड़ 52 लाख रुपए का पेट्रोल चार दिन में खर्च होता है।
- रेस के दौरान एफ1 कार महज 100 किलोमीटर के लिए ही 75 लीटर इंधन खाती है।
- एफ1 कार रेसिंग के दौरान लगभग 18,000 आरपीएम पर चलती है।
- रेसिंग ट्रैक पर कारों की गति लगभग 350 किलोमीटर प्रतिघंटा की होती है।
- 350 किलोमीटर की रफ्तार के चलते कार का बाहरी आवरण बेहद गर्म हो जाता है जिसके कारण ड्राइवर को हमेशा पानी की आवयश्क्ता पड़ती है, इसके लिए चालक के हेल्मेट में ही पाइप लगा होता है, जिससे वो समयानुसार पानी पिता रहता है।
रेसिंग ट्रैक से जुड़े कुछ तथ्य:
- बुद्व इंटरनेशनल सर्किट देश का पहला एफ1 रेस ट्रैक है, इसकी कुल लंबाई 5.14 किलोमीटर है।
- रेसिंग ट्रैक की लंबाई लगभग 308 किलोमीटर है।
- बुद्व इंटरनेशनल रेसिंग ट्रैक कुल 875 एकड़ की जमीन पर फैला हुआ है।
- इंडियन ग्रांड प्री रेसिंग ट्रैक का निर्माण जेपी ग्रूप ने करवाया है।
- इस रेसिंग ट्रैक के निमार्ण में कुल 2,000 करोड़ रुपये खर्च किये गये हैं।
- इस रेस ट्रैक पर प्रतियोगिता के दौरान कुल 5,000 कर्मचारी काम पर होंगे, जिसमें से 300 बेहतरीन इंजीनियर होंगे।
- इस रेसिंग ट्रैक की उंचाई कुल 14 मीटर है।
प्रतियोगिता से जुडे तथ्य:
- इस रेस में कुल 12 टीमें हिस्सा ले रही हैं, हर टीम में दो चालक है।
- भारतीय टीम का नाम सहारा फोर्स इंडिया है।
- सहारा फोर्स इंडिया टीम के चालक आड्रियन सुटील, और पॉल डी रेस्टा हैं।
- पिछले एफ1 प्रतियोगिता की पिछले साल की विजेता टीम रेड बुल रेसिंग रही है, इस टीम के चालक सबैस्टियन वेटेल, और मार्क वैबर हैं।
- इस रेस में प्रथम स्थान पर आने वाले को 25 अंक, दूसरे स्थान पर 18 अंक, तीसरे स्थान पर 15 अंक, और दंसवे स्थान पर आने वाले को 1 अंक दिया जाता है। इसी के आधार पर विजेता का चयन किया जाता है।
- एफ1 ग्रूप के सीईओ बर्नी एकेल्स्टन हैं।
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 13:00 [IST]
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