ओलंपिक में निशानेबाज़ी में भारत को अब तक चार पदक
ओलंपिक पदक के बाद खिलाड़ी की जिंदगी में काफी बदलाव आते हैं तो यह पूछने पर कि इस बदलाव के लिये तैयार हैं तो उन्होंने कहा, मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि मेरी मेहनत का फल मिल गया, मैं किसी की तरह नखरे नहीं करता जिससे मुझे लेकर मीडिया हाइप नहीं हुई।
मीडिया ने भी उन्हें पदक का दावेदार नहीं माना था लेकिन अब वह सुर्खियां बन गये हैं तो इस पर निशानेबाजी के जेम्स बांड ने कहा, यह तो होना ही था, मुझे खुद पर पूरा भरोसा था कि मैं पदक जरूर जीतूंगा। विजय ने कहा, ओलंपिक पदक हमेशा ही विशेष होता है, इस अहसास को बयां नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा, रूसी कोच पावेल स्मिरनोव के साथ ट्रेनिंग मेरे काफी काम आयी जो मानसिक और तकनीक रूप से काफी अच्छे हैं। वह पिछले चार साल से मेरे साथ काम कर रहे हैं, सेना ने अपने सभी निशानेबाजों के लिये उन्हें नियुक्त किया है। लेकिन पिछले दो महीनों से वह सिर्फ मेरे साथ ही थे।
यह पूछने पर कि अब अगले 2016 ब्राजील ओलंपिक खेलों की तैयारी शुरू करेंगे तो उन्होंने कहा, अभी मैं सिर्फ परिवार के साथ रहना चाहता हूं जिनसे मैं इतने समय से दूर रहा हूं। ओलंपिक की तैयारियों के लिये मैं करीब डेढ़ साल से घर से दूर हूं, सिर्फ फोन पर बात होती थी इसलिये अभी कुछ दिन परिवार के साथ बिताना चाहता हूं।
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