बेल्जियम ने छीनी भारतीय हॉकी टीम के जबड़े से जीत
जोहानिसबर्ग। भारतीय टीम चैम्पियंस चैलेंज वन हाकी टूर्नामेंट के फाइनल में 2 गोल की बढ़त खोने के बाद अंतिम मिनट में गोल गंवाकर बेल्जियम से 3-4 से हार गयी। बेल्जियम के स्ट्राइकर फ्लोरेंट वान औबेल ने भारतीय डिफेंडरों को पस्त करते हुए बेल्जियम के लिये विजयी गोल किया। इस जीत के साथ बेल्जियम को न सिर्फ स्वर्ण पदक मिला बल्कि उसने अगले साल होने वाली चैम्पियंस ट्रॉफी में भी जगह पक्की कर ली। इस हार के साथ ही भारत अब चैंपियंस ट्रॉफी में अपनी जगह नहीं बना पाया।
2001 के बाद फिर से चैम्पियंस चैलेंज हॉकी वन टूर्नामेंट जीतने का सपना लेकर मैदान पर उतरी भारतीय टीम शुरुआत से शानदार लय में नजर आई। पहले हाफ में भारतीय टीम ने 2-0 से बढ़त बना ली थी। दूसरे हाफ में भारत की यह बढ़त 3-1 पर जा पहुंची। अंतिम चंद मिनटों में भारतीय खिलाड़ी सुस्त नजर आए। जिसका फायदा उठाते हुए बेल्जियम ने भारतीय टीम पर जवाबी हमला बोल दिया। उसने पहले स्कोर 3-3 से बराबर किया और फिर उसके बाद अंतिम मिनट में गोल भारत को हरा अपनी जीत पक्की की।
भारतीय हॉकी टीम के कोच माइकल नोब्स लगभग जीत के बाद मिली इस हार पर निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हम लगभग यह मैच जीत ही गए थे। अगर हमने अंतिम कुछ मिनटों में अपना धैर्य न खोया होता तो खिताबी जीत के साथ ही हम अगले साल होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी में अपनी जगह पक्की कर सकते थे। आखिरी 15 मिनटों में बेल्जियम की टीम ने भारत पर 3 गोल किए। जबकि भारत इस दौरान एक भी गोल नहीं कर सका। कोच ने कहा कि इस टूर्नामेंट में कई सकारात्मक पहलू भी रहे जिनका टीम को आगे फायदा मिलेगा।
2001 के बाद फिर से चैम्पियंस चैलेंज हॉकी वन टूर्नामेंट जीतने का सपना लेकर मैदान पर उतरी भारतीय टीम शुरुआत से शानदार लय में नजर आई। पहले हाफ में भारतीय टीम ने 2-0 से बढ़त बना ली थी। दूसरे हाफ में भारत की यह बढ़त 3-1 पर जा पहुंची। अंतिम चंद मिनटों में भारतीय खिलाड़ी सुस्त नजर आए। जिसका फायदा उठाते हुए बेल्जियम ने भारतीय टीम पर जवाबी हमला बोल दिया। उसने पहले स्कोर 3-3 से बराबर किया और फिर उसके बाद अंतिम मिनट में गोल भारत को हरा अपनी जीत पक्की की।
भारतीय हॉकी टीम के कोच माइकल नोब्स लगभग जीत के बाद मिली इस हार पर निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हम लगभग यह मैच जीत ही गए थे। अगर हमने अंतिम कुछ मिनटों में अपना धैर्य न खोया होता तो खिताबी जीत के साथ ही हम अगले साल होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी में अपनी जगह पक्की कर सकते थे। आखिरी 15 मिनटों में बेल्जियम की टीम ने भारत पर 3 गोल किए। जबकि भारत इस दौरान एक भी गोल नहीं कर सका। कोच ने कहा कि इस टूर्नामेंट में कई सकारात्मक पहलू भी रहे जिनका टीम को आगे फायदा मिलेगा।
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 13:00 [IST]
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