राष्ट्रपति ने ब्रिटेन की महारानी से 'क्वींस बैटन' ग्रहण किया (लीड-1)
हजारों दर्शकों की मौजूदगी में हुए रंगारंग कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति ने 'क्वींस बैटन' को खेल मंत्री मनोहर सिंह गिल के हवाले कर दिया। गिल ने इसे राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के प्रमुख सुरेश कलमाडी को सौंपा।
सालों से चली आ रही राष्ट्रमंडल खेलों से जुड़ी परंपरा को निभाते हुए कलमाडी ने 'क्वींस बैटन' को भारत के पहले व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता निशानेबाज अभिनव बिंद्रा के हवाले किया। इसके बाद देश की कई नामचीन खेल हस्तियों ने 'क्वींस बैटन' के साथ दौड़ लगाई।
'क्वींस बैटन' के साथ दौड़ लगाने वालों में इंग्लैंड के ओलंपिक चैम्पियन धावक सेबैस्टियन कोए, पूर्व क्रिकेटर कपिल देव, टेनिस स्टार सानिया मिर्जा, पूर्व एथलीट मिल्खा सिंह, भारतीय मूल के ब्रिटिश क्रिकेटर मोंटी पनेसर, बीजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले पहलवान सुशील कुमार, ओलंपिक कांस्य पदक विजेता महिला भारोत्तोलक कर्णम मल्लेश्वरी, बीजिंग ओलंपिक में मुक्केबाजी का कांस्य जीतने वाले विजेंदर सिंह, भारत के सबसे अनुभवी हॉकी खिलाड़ी दिलीप टिर्की और पूर्व धावक गुरबचन सिंह रंधावा शामिल थे।
डिजिटल कैमरे और जीपीएस के अलावा एथलीटों के नाम महारानी के संदेश से सुसज्जित यह मशाल अपनी यात्रा के दौरान सबसे पहले मध्य लंदन में स्थित 'क्वीन विक्टोरिया मेमोरियल' और 'द मॉल' नामक स्थानों पर पहुंची। इसके बाद इसे लंदन के सबसे मशहूर स्थलों में एक 'ट्राफालगर स्क्वायर' ले जाया गया।
'क्वींस बैटन रिले' 70 देशों की यात्रा के बाद अगले साल भारत पहुंचेगी। इस दौरान यह मशाल 240 दिनों में एक लाख किलोमीटर से अधिक दूरी तय करेगी। इसके बाद यह भारत में 100 दिनों की यात्रा करेगी।
भारत में इस मशाल रैली का प्रवेश अटारी सीमा से होगा। भारत पहुंचने के बाद इसे 28 राज्यों और सात केंद्र शासित प्रदेशों की सैर पर ले जाया जाएगा। इस यात्रा के दौरान यह मशाल भारत में लगभग 20,000 किलोमीटर दूरी तय करेगी। भारत में 3 से 14 अक्टूबर के बीच राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन होना है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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