फ़िरोजशाह कोटला मैदान पर भारत और श्रीलंका का मैच रद्द होने को लेकर दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) की आपसी कलह खुलकर सामने आ गई है.
क्रिकेट संघ के सदस्य और पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी कीर्ति आज़ाद आम सभा की बैठक बीच में ही छोड़कर बाहर चले आए और उन्होंने मीडिया से कहा कि उन्हें फ़िरोजशाह कोटला मैदान पर ख़राब पिच के कारण मैच रद्द होने का मामला उठाने पर अपमानित किया गया. कीर्ति आज़ाद का आरोप था कि जिस भी सदस्य ने कोटला पिच का मामला उठाने का प्रयास किया, उसके साथ डीडीसीए अधिकारियों ने बदसलूकी करने का प्रयास किया.
ग़ौरतलब है कि श्रीलंका के ख़िलाफ़ पांचवां और अंतिम वन डे मैच फ़िरोजशाह कोटला की पिच को ख़तरनाक मानते हुए रद्द कर दिया गया था. कीर्ति आज़ाद का कहना था, ''हम डीडीसीए के सदस्य हैं. प्रश्न पूछना हमारा काम है. इस बैठक से मुझे काफ़ी दुख पहुंचा है.'' इधर डीडीसीए के खेल सचिव सुनील देव ने कीर्ति आज़ाद के आरापों को निराधार बताते हुए कहा कि बैठक शांतिपूर्वक चली थी.
इस घटना से वर्ष 2011 के विश्व कप में कोटला में मैच कराने पर सवाल उठने लगे हैं.
बारह साल पहले इंदौर में भी इसी तरह की घटना हुई थी, जिसके बाद इंदौर के नेहरू स्टेडियम पर थोड़े समय की पाबंदी लगी थी.