'मेडल जीतना ही मेरा लक्ष्य है'
पहली बार ओलंपिक खेलों में हिस्सा ले रही सानिया बीजिंग में काफ़ी उत्साहित हैं, उन्होंने बीबीसी से विशेष बातचीत में मेडल जीतना अपना लक्ष्य बताया.
वे पहली बार ओलंपिक खेलों में हिस्सा ले रही हैं और इसे लेकर ख़ासी उत्साहित हैं, उनसे पदक जीतने की उम्मीद लगाई जा रही है.
बीजिंग में खेल पत्रकार नॉरिस प्रीतम ने सानिया मिर्ज़ा से बात की.
कैसा लग रहा है बीजिंग आकर?
बहुत अच्छा लग रहा है, हर एथलीट का ख़्वाब होता है कि वह ओलंपिक में हिस्सा ले और अपने देश का प्रतिनिधित्व करे. मुझे गर्व है कि मैं उन गिने-चुने लोगों में हूँ जो खेलने आई हूँ. यहाँ आकर आप प्रेरणा शब्द का सही मतलब समझ पाते हैं.
पूरी दुनिया से लोग यहाँ आए हुए हैं, तरह-तरह की गतिविधियाँ हो रही हैं, कौन सी चीज़ है जो आपको बहुत अच्छा लगा?
सब कुछ अच्छा लग रहा है. यहाँ सब कुछ लार्जर देन लाइफ़ है, आप यहाँ पर इतने सारे एथलीटों के साथ, इतने सारे फिट और स्वस्थ लोगों के साथ हैं, इतने सारे स्टार आपके चारों तरफ़ हैं. यहाँ पर जितने लोग आए हैं उन सबसे के लिए गर्व का समय है. यहाँ आपको एक अलग तरह की एनर्जी दिखाई देती है, अगर डाइनिंग रूम में भी जाएँ तो एक अलग तरह का माहौल होता है. यहाँ हर व्यक्ति अपने आप में ख़ास है जो एक बहुत बड़ी बात है.
बीजिंग ओलंपिक का उदघाटन समारोह आपको कैसा लगा?
वह एकदम अलग तरह की फ़ीलिंग थी, इतने सारे लोग जब आपको चियर करते हैं, जब आपकी ओर उम्मीद भरी नज़रों से देखते हैं तो बहुत अच्छा लगता है. इस फीलिंग का इज़हार करना बहुत मुश्किल है.
यहाँ आपका लक्ष्य क्या है?
मैं तो अभी यहाँ के माहौल का ही आनंद ले रही हूँ लेकिन ज़ाहिर है कि यहाँ जो भी आता है उसका एक ही लक्ष्य होता, पदक जीतना. मेरा लक्ष्य भी यही है. मेरा खयाल है कि यहाँ जितने भी खिलाड़ी हैं वे मेडल जीतने के लिए अपनी जान लगा देंगे.
वे पहली बार ओलंपिक खेलों में हिस्सा ले रही हैं और इसे लेकर ख़ासी उत्साहित हैं, उनसे पदक जीतने की उम्मीद लगाई जा रही है.
बीजिंग में खेल पत्रकार नॉरिस प्रीतम ने सानिया मिर्ज़ा से बात की.
कैसा लग रहा है बीजिंग आकर?
बहुत अच्छा लग रहा है, हर एथलीट का ख़्वाब होता है कि वह ओलंपिक में हिस्सा ले और अपने देश का प्रतिनिधित्व करे. मुझे गर्व है कि मैं उन गिने-चुने लोगों में हूँ जो खेलने आई हूँ. यहाँ आकर आप प्रेरणा शब्द का सही मतलब समझ पाते हैं.
पूरी दुनिया से लोग यहाँ आए हुए हैं, तरह-तरह की गतिविधियाँ हो रही हैं, कौन सी चीज़ है जो आपको बहुत अच्छा लगा?
सब कुछ अच्छा लग रहा है. यहाँ सब कुछ लार्जर देन लाइफ़ है, आप यहाँ पर इतने सारे एथलीटों के साथ, इतने सारे फिट और स्वस्थ लोगों के साथ हैं, इतने सारे स्टार आपके चारों तरफ़ हैं. यहाँ पर जितने लोग आए हैं उन सबसे के लिए गर्व का समय है. यहाँ आपको एक अलग तरह की एनर्जी दिखाई देती है, अगर डाइनिंग रूम में भी जाएँ तो एक अलग तरह का माहौल होता है. यहाँ हर व्यक्ति अपने आप में ख़ास है जो एक बहुत बड़ी बात है.
बीजिंग ओलंपिक का उदघाटन समारोह आपको कैसा लगा?
वह एकदम अलग तरह की फ़ीलिंग थी, इतने सारे लोग जब आपको चियर करते हैं, जब आपकी ओर उम्मीद भरी नज़रों से देखते हैं तो बहुत अच्छा लगता है. इस फीलिंग का इज़हार करना बहुत मुश्किल है.
यहाँ आपका लक्ष्य क्या है?
मैं तो अभी यहाँ के माहौल का ही आनंद ले रही हूँ लेकिन ज़ाहिर है कि यहाँ जो भी आता है उसका एक ही लक्ष्य होता, पदक जीतना. मेरा लक्ष्य भी यही है. मेरा खयाल है कि यहाँ जितने भी खिलाड़ी हैं वे मेडल जीतने के लिए अपनी जान लगा देंगे.
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:17 [IST]
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