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बेंगलुरु। भारत की टेनिस स्टार सानिया मिर्जा को केंद्र सरकार ने राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड के लिये चुना, जिसके विरुद्ध हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल कर दी गई। याचियका पर सुनवाई करते हुए बुधवार को हाईकोर्ट ने खेल रत्न दिये जाने पर अंतरिम रोक लगा दी है।
सानिया मिर्जा को खेल रत्न दिये जाने के फैसले के विरुद्ध पैरालिंपिक एथलीट एचएन गिरीशा ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। उनका कहना है कि 2011 से 2014 में सानिया मिर्जा ने एक भी पदक नहीं जीता तो किस बात का राजीव गांधी खेल रत्न उन्हें दिया जा रहा है।
गिरीशा का दावा है कि उनका प्रदर्शन सानिया मिर्जा से कहीं ज्यादा अच्छा रहा है। 2011 से 2014 तक उन्होंने लंदन पैरालिंपिक्स 70 अंक हासिल किये और एशियन गेम्स 2014 में 20 अंक अर्जित किये। यानि कुल मिलाकर 90 अंक हासिल किये, वहीं सानिया मिर्जा के खाते में तो शून्य अंक हैं। तो किस आधार पर उन्हें खेल रत्न के लिये चुना गया।
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गिरीशा ने हाईकोर्ट से अपील की कि वो केंद्र सरकार को इस प्रकार के चयन में पारदर्शिता बरतने के निर्देश दे। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे नियम बनाये जाने चाहिये, जिनके अंतर्गत इस प्रकार के अवार्ड दिये जाने चाहिये। साथ ही उन्होंने अपने नाम का दावा भी खेल रत्न के लिये किया है।
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Story first published: Wednesday, August 26, 2015, 15:47 [IST]
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Aug 26, 2015