मध्यक्रम की बल्लेबाजी होगी सफलता की कुंजी : विराट कोहली
नई दिल्ली, 6 फरवरी (आईएएनएस)। हाल के दिनों में अपने प्रदर्शन से सभी का दिल जीतने वाले भारतीय क्रिकेट टीम के युवा बल्लेबाज विराट कोहली का मानना है कि विश्व कप में भारतीय टीम की सफलता के लिए मध्यक्रम की बल्लेबाजी महत्वपूर्ण होगी।
वर्ष 2007 में अंडर-19 विश्वकप विजेता बनी भारतीय टीम के कप्तान रहे कोहली को पहले जख्मी खिलाड़ियों के स्थान पर खेलने का मौका मिला और उन्होंने हर मौके का फयादा उठाते हुए आज खुद को वरिष्ठ खिलाड़ियों की श्रेणी में ला खड़ा किया है। कोहली इस समय भारतीय टीम की मध्यक्रम की बल्लेबाजी की रीढ़ बन चुके हैं।
वह मानते हैं कि 19 फरवरी से दो अप्रैल तक चलने वाले विश्वकप टूर्नामेंट में मध्यक्रम भारत की सफलता के लिए महत्वपूर्ण होगा।
एकदिवसीय मैचों में सबसे तेज एक हजार रन बनाने वाले दिल्ली निवासी कोहली (22) ने अवसरों को हासिल करने के मामले में अपने कई समकालीन प्रतिभावान खिलाड़ियों को पीछे छोड़ दिया है। दिसम्बर में न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू श्रृंखला के दौरान उनकी अद्भुत आक्रामकता व स्थिरता दिखी। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर कोहली ने शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए खुद को एकदिवसीय रैंकिंग में दूसरे स्थान पर ला खड़ा किया।
कोहली ने आईएएनएस के साथ बातचीत में कहा, "हर समय मैं विश्वकप मैच के बारे में सोचता हूं, मैं कल्पना करता हूं कि हम सभी 11 खिलाड़ी खचाखच भरे स्टेडियम में दौड़ रहे हैं। मैं जब वहां जाता हूं तो निश्चित रूप से रोमांचित हो जाता हूं।"
कोहली ने कहा, "मैं एक सपने में जी रहा हूं। विश्वकप के दस्ते में होना एक चकित करने वाला अनुभव है। यह मेरे लिए अंडर-19 की ट्राफी जीतने से ज्यादा खुशी देने वाला है। आप कल्पना कर सकते हैं कि यह मेरे लिए कितना खास है।"
भारतीय मध्यक्रम की बल्लेबाजी पर कोहली ने कहा कि यह क्रम पिछले काफी दिनों से भारत की ताकत रहा है।
कोहली ने कहा, "मैं समझता हूं कि मध्यक्रम को पहले इनिंग्स पर पकड़ बनाए रखनी है और उसके बाद उसे दिशा देनी है। वर्तमान में यह हमारी ताकत है। रणनीति यह होनी चाहिए कि 30-35 ओवर तक अधिक विकेट न गिरने पाए, और उसके बाद अंतिम पांच ओवर में अपनी क्षमता का लाभ उठाते हुए रन संख्या बढ़ा दी जाए। हमने इस तरह के मैच जीते हैं। अपने निचले क्रम के बैट्समैन भी मैदान में अच्छे रन बनाएं, इस तरह की एक ठोस बुनियाद खड़ी करने का विचार है।"
लेकिन 2008 में दाम्बुला में श्रीलंका के खिलाफ अपनी शानदार शुरुआत के बावजूद कोहली को काफी इंतजार करना पड़ा था और वह सूर्खियों में तब आए, जब उन्होंने एक वर्ष बाद ईडेन गार्डन में श्रीलंका के खिलाफ अपना शतक बनाया। पिछले वर्ष कोहली ने आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के खिलाफ भी शतक बनाया।
कोहली ने कहा, "न्यूजीलैंड से दक्षिण अफ्रीका तक की श्रृंखला में अपने फार्म को बनाए रखने को लेकर मैं भाग्यशाली रहा। मैंने दक्षिणी अफ्रीकी खिलाड़ियों के खिलाफ श्रृंखला में कुछ बातें सीखी और उसे दक्षिण अफ्रीका में इस्तेमाल किया।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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