श्रीलंकाई टीम को चौथा झटका थिलन समरवीरा (1) के रूप में लगा। समरवीरा को ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने मुरली विजय के हाथों कैच कराया। यह विकेट 188 रन के कुल योग पर गिरा।
इससे ठीक पहले, मेहमान टीम ने 187 रनों के कुल योग पर अपने सबसे अनुभवी बल्लेबाज माहेला जयवर्धने का विकेट गंवाया था। जयवर्धने को शांताकुमारन श्रीसंत ने वीरेंद्र सहवाग के हाथों कैच कराया। जयवर्धने ने चार चौकों की मदद से 29 रन बनाए।
भोजनकाल तक एक विकेट के नुकसान पर 117 रन बनाने वाली श्रीलंकाई टीम ने दूसरे सत्र की शुरुआत के फौरन बाद ही कप्तान कुमार संगकारा के रूप में अपना दूसरा विकेट गंवा दिया था। संगकारा को प्रज्ञान ओझा ने पेवेलियन की राह दिखाई।
संगकारा ने 35 गेंदों का सामना करते हुए दो चौकों की मदद से 18 रन बनाए। खबर लिखे जाने तक मेहमान टीम ने 50 ओवरों के खेल के दौरान चार विकेट के नुकसान पर 191 रन बना लिए थे।
पारी की शुरुआत करने आए तिलकरत्ने दिलशान 117 गेंदों पर 10 चौकों और एक छक्के की मदद से 86 रन बनाकर खेल रहे थे जबकि एंजेलो मैथ्यूज एक रन बनाकर उनका साथ दे रहे थे।
श्रीलंकाई टीम ने पहले सत्र की समाप्ति से ठीक पहले सलामी बल्लेबाज थरंगा परानाविताना के रूप में अपना पहला विकेट गंवाया था। परानाविताना 93 रन के कुल योग पर पेवेलियन लौटे। उन्होंने ने अपनी नाकामी को पीछे छोड़ते हुए 81 गेदों पर सात चौकों की मदद से 53 रन बनाए।
ब्रेबॉर्न स्टेडियम में 36 साल के अंतराल के बाद खेले जा रहे इस मैच में श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया।
श्रृंखला के इस अंतिम मैच में भारतीय टीम में गौतम गंभीर की जगह मुरली विजय को मौका दिया गया। श्रीलंकाई टीम में नुवान कुलसेकरा को शामिल किया गया। कुलसेकरा के लिए असंथा मेंडिस ने स्थान खाली किया।
कानपुर में खेले गए श्रृंखला के दूसरे मैच में पारी और 144 रनों से जीत हासिल भारतीय क्रिकेट टीम श्रृंखला में 1-0 से आगे है। अहमदाबाद में खेला गया पहला टेस्ट मैच बराबरी पर छूटा था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।