क्या वानखेड़े में शाहरुख पर प्रतिबंध लगेगा?
मुंबई। इंडियन प्रीमियर लीग के मैच के बाद शाहरुख खान और मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों के बीच हुए विवाद के बाद आनन-फानन में एमसीए के सदस्यों ने शाहरुख खान के वानखेड़े में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया था। खबर मीडिया में आयी, दिन भर इस पर बहस चली। दोनों पक्षों ने टीवी चैनलों के सामने आकर अपना-अपना पक्ष रखा। अब सवाल यह उठता है कि शुक्रवार को सुबह 11 बजे होने वाली मीटिंग में क्या शाहरुख पर प्रतिबंध लगेगा?
इस सवाल का जवाब हां और न दोनों में खोजेंगे तो दोनो का पलड़ा भारी दिखेगा। जितना हां में दम है उतना ही दम नहीं में है। अगर जवाब हां होता है तो उसके पीछे सबसे बड़ा कारण होगा विलास राव देशमुख और शाहरुख के मधुर संबंध। विलासराव देशमुख अच्छी तरह समझ रहे हैं, कि शाहरुख ने जब यह कहा कि "कहां है तुम्हारा बॉस बुलाओ उसे जिंदा गाड़ दूंगा" तब शाहरुख को इस बात का इल्म नहीं था कि देशमुख ही एमसीए के बॉस हैं।
बॉलीवुड का देशमुख के साथ गहरा रिश्ता इतनी आसानी से टूटने वाला नहीं है। दूसरी बात शाहरुख ने स्वयं मीडिया के सामने आकर यह माना है कि उन्होंने जो कुछ भी कहा था गुस्से में कहा था। शाहरुख का दावा है कि सुरक्षाकर्मी ने उनके साथ बदतमीजी की और उन्होंने शराब नहीं पी रखी थी। इस लिहाज से देखा जाये तो यह प्रतिबंध लगना मुश्किल है।
प्रतिबंध नहीं लगा तो उसके पीछे एक कारण केकेआर का आईपीएल में बेहतरीन प्रदर्शन होगा। यह टीम आईपीएल की टीआरपी को चार-चांद लगा रही है, लिहाजा बीसीसीआई यह कभी नहीं चाहेगी कि इस टीम के मालिकान नाराज हों।
प्रतिबंध लगा तो क्या होंगे कारण
झगड़ा हुआ है यह तो जग जाहिर है, लेकिन वानखेड़े में शाहरुख के घुसने पर प्रतिबंध तभी लगेगा जब इस मामले को आर्थिक और राजनीतिक पहलुओं से देखा जायेगा। जी हां अगर एमसीए पर शिवसेना का दबाव आ गया तो फैसला शाहरुख के खिलाफ जायेगा। दूसरी बात अब आईपीएल का एक भी मैच मुंबइ में नहीं होना है, यानी इस सत्र में शाहरुख के वानखेड़े में आने के कोई चांस नहीं हैं। लिहाजा अगर प्रतिबंध लगा भी दिया गया तो वो अगला आईपीएल आने से पहले हटा लिया जायेगा।
अंतिम कारण एमसीए का कदम। अगर एमसीए ने एक बार कठिन कदम उठा लिया तो आने वाले समय में कोई भी सेलेब्रिटी इस प्रकार के झगड़ों में उलझने से पहले सोचेगा।
इस सवाल का जवाब हां और न दोनों में खोजेंगे तो दोनो का पलड़ा भारी दिखेगा। जितना हां में दम है उतना ही दम नहीं में है। अगर जवाब हां होता है तो उसके पीछे सबसे बड़ा कारण होगा विलास राव देशमुख और शाहरुख के मधुर संबंध। विलासराव देशमुख अच्छी तरह समझ रहे हैं, कि शाहरुख ने जब यह कहा कि "कहां है तुम्हारा बॉस बुलाओ उसे जिंदा गाड़ दूंगा" तब शाहरुख को इस बात का इल्म नहीं था कि देशमुख ही एमसीए के बॉस हैं।
बॉलीवुड का देशमुख के साथ गहरा रिश्ता इतनी आसानी से टूटने वाला नहीं है। दूसरी बात शाहरुख ने स्वयं मीडिया के सामने आकर यह माना है कि उन्होंने जो कुछ भी कहा था गुस्से में कहा था। शाहरुख का दावा है कि सुरक्षाकर्मी ने उनके साथ बदतमीजी की और उन्होंने शराब नहीं पी रखी थी। इस लिहाज से देखा जाये तो यह प्रतिबंध लगना मुश्किल है।
प्रतिबंध नहीं लगा तो उसके पीछे एक कारण केकेआर का आईपीएल में बेहतरीन प्रदर्शन होगा। यह टीम आईपीएल की टीआरपी को चार-चांद लगा रही है, लिहाजा बीसीसीआई यह कभी नहीं चाहेगी कि इस टीम के मालिकान नाराज हों।
प्रतिबंध लगा तो क्या होंगे कारण
झगड़ा हुआ है यह तो जग जाहिर है, लेकिन वानखेड़े में शाहरुख के घुसने पर प्रतिबंध तभी लगेगा जब इस मामले को आर्थिक और राजनीतिक पहलुओं से देखा जायेगा। जी हां अगर एमसीए पर शिवसेना का दबाव आ गया तो फैसला शाहरुख के खिलाफ जायेगा। दूसरी बात अब आईपीएल का एक भी मैच मुंबइ में नहीं होना है, यानी इस सत्र में शाहरुख के वानखेड़े में आने के कोई चांस नहीं हैं। लिहाजा अगर प्रतिबंध लगा भी दिया गया तो वो अगला आईपीएल आने से पहले हटा लिया जायेगा।
अंतिम कारण एमसीए का कदम। अगर एमसीए ने एक बार कठिन कदम उठा लिया तो आने वाले समय में कोई भी सेलेब्रिटी इस प्रकार के झगड़ों में उलझने से पहले सोचेगा।
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 13:00 [IST]
Other articles published on Nov 14, 2017
Log in for Better Reading Experience!
By signing in, you agree to our Terms and Privacy Policy
Gender
Select your Gender
- Male
- Female
- Others
Age
Select your Age Range
- Under 18
- 18 to 25
- 26 to 35
- 36 to 45
- 45 to 55
- 55+


Click it and Unblock the Notifications
