भारत ने एफ 1 से खुद को विश्व खेल पटल पर स्थापित किया
नयी दिल्ली। भारत ने इस साल पहली फार्मूला वन ग्रांड प्री की सफल मेजबानी से विश्व खेलों में अपना कद और उंचा किया लेकिन देश के ड्राइवरों का इस ग्लैमरस और महंगे खेल में रूझान जारी है।
अंतरराष्टीय मोटरस्पोर्ट प्रतियोगिता की मेजबानी करना निश्चित रूप से काफी चुनौतीपूर्ण कार्य था विशेषकर पिछले साल विवादों से भरे राष्टमंडल खेलों की मेजबानी को देखते हुए। लेकिन फार्मूला वन के आयोजक जेपी ग्रुप ने बेहतरीन रेसिंग सुविधायें मुहैया कराकर बिना किसी समस्या के रेस आयोजित करायी।
ग्रेटर नोएडा के बुद्ध अंतरराष्टीय सर्किट की भी शीर्ष ड्राइवरों जैसे दो बार के विश्व चैम्पियन सेबेश्चियन वेटेल ने तारीफ की। यह रेस और भी शानदार हो सकती थी, अगर देश के ड्राइवर करूण चंडोक को भी नरेन कार्तिकेयन के साथ इसमें भाग लेने का मौका मिल जाता।
अंतरराष्टीय मोटरस्पोर्ट प्रतियोगिता की मेजबानी करना निश्चित रूप से काफी चुनौतीपूर्ण कार्य था विशेषकर पिछले साल विवादों से भरे राष्टमंडल खेलों की मेजबानी को देखते हुए। लेकिन फार्मूला वन के आयोजक जेपी ग्रुप ने बेहतरीन रेसिंग सुविधायें मुहैया कराकर बिना किसी समस्या के रेस आयोजित करायी।
ग्रेटर नोएडा के बुद्ध अंतरराष्टीय सर्किट की भी शीर्ष ड्राइवरों जैसे दो बार के विश्व चैम्पियन सेबेश्चियन वेटेल ने तारीफ की। यह रेस और भी शानदार हो सकती थी, अगर देश के ड्राइवर करूण चंडोक को भी नरेन कार्तिकेयन के साथ इसमें भाग लेने का मौका मिल जाता।
लेकिन लोटस टीम ने भावुक होने के बजाय दिमाग से काम लेते हुए अनुभवी ड्राइवर को टेक पर उतारा जिससे चंडोक अपनी घरेलू सरजमीं पर आयोजित रेस में भाग लेने से महरूम रह गये।
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 13:00 [IST]
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