जानिए रियो पैरालंपिक खेलों की सुपरस्टार दीपा मलिक से जुड़ी रोचक बातें
नई दिल्ली। रियो पैरालंपिक खेलों में भारत की दीपा मलिक ने सोमवार को सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। उन्होंने यह पदक गोला फेंक एफ-53 प्रतियोगिता में जीता। दीपा की इस सफलता के पीछे उनके जीवन की दर्दनाक कहानी और मुश्किलों भरा सफर रहा है।
पैरालंपिक में भारत के लिए पहला पदक जीतने वाली इस महिला ने जो मिसाल कायम की, उसे से जुड़ी कुछ अहम बातें वनइंडिया आपको यहां बताने जा रहा है।
कमर ने नीचे का हिस्सा लकवाग्रस्त
दीपा को बचपन में ही स्पाइनल कॉर्ड में ट्यूमर हो गया था। इसकी वजह से उनकी कमर के नीचे का पूरा हिस्सा लकवाग्रस्त है। इसकी वजह से उनका चलना-फिरना असंभव हो गया था।
आलराउंडर है यह सुपरस्टार
दीपा सिर्फ गोला फेंक ही नहीं बल्कि भाला फेंक, तैराकी आदि में भी पार्टिसिपेट कर चुकी हैं। वह तैराकी की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा ले चुकी हैं। वह भाला फेंक में एशियाई रिकॉर्डधारी होने के साथ ही गोला फेंक और चक्का फेंक में विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता भी हैं।
फौजी की बेटी, दो बच्चों की मां
फौजी की बेटी के बचपन में हुए आॅपरेशन के दौरान उनकी कमर और पैर के बीच कुल 183 टांके लगाए गए थे। उनके पति कर्नल विक्रम सिंह भी सेना अधिकारी हैं। दीपा दो बच्चों की मां भी हैं।
इस कमेटी की हैं सदस्य
वह अभी एचआरडी मंत्रालय की ओर से बनाई गई स्पोट्र्स डेवलपमेंट ओर फिजिकल एजुकेशन में सुधार के लिए बनाई गई कमेटी की मेंबर हैं।
रियो पैरालंपिक में भारत के अब तीन पदक हो गए हैं। दीपा को उनकी इस उपलब्धि के लिए हरियाणा सरकार चार करोड़ रुपए का नकद पुरस्कार भी देगी।
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