बैंगलोर। भारत में टेनिस को पहचान दिलाने वाली सानिया मिर्जा ने अपने अन्तर्राष्ट्रीय करियर में दस वर्ष पूरे कर लिये हैं। जूनियर से लेकर सीनियर लेवल तक कई खिताब जीतने वाली सानिया को भारत सरकार ने पद्मश्री से भी सम्मानित किया। उन्होने अपने करियर की शुरूआत फरवरी 2003 में की थी।
वह भारत की तरफ से आस्ट्रेलियन ओपन में खेलने वाली पहली महिला खिलाड़ी बनीं। सन 2006 में टेनिस की दिग्गज हस्तियों के बीच डब्ल्यूटीए की तरफ से 'मोस्ट इम्प्रेसिव न्यूकमर' का इनाम भी जीता। इन उपलब्धियों के बीच सानिया के करियर में कई ऐसे मौके भी आये जब यह कहा जाने लगा कि सानिया का करियर अब जल्द ही खत्म हो जाएगा, लेकिन उन्होने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर अन्तर्राष्ट्रीय मंचों के लिए फिट होने का प्रमाण दिया।
सानिया को अपने करियर में चोटों के कारण कई टूर्नामेंटों से बाहर भी रहना पड़ा। वह कई बार विवादो के कारण भी चर्चा में रहीं। इसमें 'तिरंगा विवाद (जब तिरंगे की तरफ पैर दिखाने के लिए उनकी निंदा की गई) भी शामिल है।
कहते हैं कि बड़े नामों के साथ-साथ बदनामी भी जुड़ जाती है। कई बार उनकी तस्वीरों को तकनीक की मदद से अश्लील बनाकर उन्हें बदनाम भी किया गया। कुछ लोगों ने सानिया की एक फर्जी फिल्म बनाकर भी विवाद खड़ा कर दिया।
सानिया ने अपने हमसफर के रूप में पाकिस्तान के क्रिकेटर शोएब मालिक को चुना और अब वह एक सुखद वैवाहिक जीवन व्यतीत कर रही हैं।