सानिया 2009 में ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनी थीं और यह उनका दूसरा ग्रैंडस्लैम खिताब है। भूपति और सानिया को शुरू में लय हासिल करने में थोड़ा समय लगा जिसका क्लाडिया और गोंजालिस ने फायदा उठाकर 4-2 से बढत हासिल कर ली। भारतीय जोड़ी अपनी तीसरी सर्विस बचाने में सफल रही और इसके बाद उसने ब्रेक प्वाइंट लेकर स्कोर 5-5 से बराबर कर लिया। आखिर में यह सेट टाई ब्रेकर तक खिंचा जिसमें भारतीय जोड़ी का अनुभव उनके प्रतिद्वंद्वियों पर भारी पड़ा।
यह सेट 47 मिनट तक चला। भूपति की सर्विस में तेजी थी तो सानिया ने कुछ करारे शाट जमाने के अलावा नेट पर भी अच्छी चपलता दिखाई। इससे दूसरा सेट और मैच अपने नाम करने में उन्हें ज्यादा समय नहीं लगा। भारतीय जोड़ी ने दूसरे सेट के पहले गेम में ही पोलैंड और मेक्सिको के खिलाडियों की जोड़ी की सर्विस तोड़ दी। इसके बाद उन्होंने पांचवें गेम में ब्रेक प्वाइंट लिया और सातवें गेम में फिर से अपने प्रतिद्वंद्वियों की सर्विस तोड़कर मैच अपने नाम किया। क्लाडिया ने डबल फॉल्ट करके भारतीय जोड़ी को मैच प्वाइंट दिया इसके बाद उन्होंने अपने फोर हैंड बाहर मारकर भारतीयों की झोली में खिताबी जीत डाल दी।