सानिया ने कहा, "मैं समझती हूं कि पदकों की कोई संख्या तय करना सही नहीं होगा। लंदन ओलंपिक जाने से पहले हम सभी पर दबाव है। हम पदक का वादा नहीं कर सकते लेकिन अपना शत प्रतिशत योगदान देंगे।"
सानिया 27 जुलाई से शुरू होने वाले ओलंपिक खेलों में महिला युगल में रश्मि चक्रवर्ती और मिश्रित युगल में लिएंडर पेस के साथ जोड़ी बनाएंगी। सानिया टीवी चैनल एनडीटीवी के मार्क्स फोर स्पोर्ट्स अभियान के पैनल वक्ताओं में शामिल थीं। उनके अलावा टेनिस स्टार महेश भूपति, केंद्रीय खेल मंत्री अजय माकन, भारतीय फुटबाल टीम के कप्तान बाईचुंग भूटिया और क्रिकेट स्टार वीरेंद्र सहवाग भी वक्ताओं में शामिल थे।
ओलंपिक में भारत की संभावना के बारे में पूछने पर माकन ने कहा कि उनके लिये देश के पदकों की संख्या की भविष्यवाणी करना सही नहीं होगा। माकन ने कहा, "मैं इस पर कुछ भी नहीं कहना चाहूंगा क्योंकि यह अनुचित होगा। हमारे सबसे अधिक खिलाड़ी इन ओलंपिक में भाग ले रहे हैं। पिछली बार हमारे लगभग 50 खिलाडि़यों ने क्वालीफाई किया था जबकि इस बार 81 ने क्वालीफाई किया है।"
भारतीय दल में गैर खिलाड़ी लोगों की संख्या में कटौती करने के सवाल पर माकन ने उम्मीद जतायी कि जब अगले ओलंपिक खेल होंगे तो खेल मंत्री भी कोई पूर्व खिलाड़ी होगा। उन्होंने कहा, "मैं चाहता हूं कि अगले ओलंपिक खेल तक खेल मंत्री कोई खिलाड़ी बन जाए। मैं जिन दस लोगों के दल के साथ जा रहा हूं उनमें से केवल मैं ही खिलाड़ी नहीं हूं।"
राष्ट्रीय खेल हाकी के बारे में माकन ने कहा कि चार साल पहले भारत ओलंपिक के लिये क्वालीफाई भी नहीं कर पाया था लेकिन तब से इस खेल में काफी प्रगति हुई है। उन्होंने कहा, "इस बार हमने क्वालीफाई किया है। पिछली बार हम क्वालीफाई करने में नाकाम रहे थे। हमारी टीम आगे बढ़ रही है और हाकी के लिये चीजों में सुधार हो रहा है।"