दिलशान के साथ दूसरे विकेट के लिए 128 रनों की साझेदारी निभाने वाले संगकारा 316 रनों के कुल योग पर 90 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर आउट हुए। उनका विकेट प्रवीण कुमार के खाते में गया। संगकारा ने 43 गेंदों पर 10 चौके और पांच छक्के लगाए। इसके बाद 328 रनों के कुल योग पर श्रीलंका को जयसूर्या के रूप में तीसरा झटका लगा। जयसूर्या पांच रन ही बना सके।
दिलशान ने अपने अब तक करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेलते हुए 124 गेंदों पर 20 चौकों और तीन छक्कों की मदद से 160 रन बनाए। उनका विकेट हरभजन सिंह के खाते में गया। इसके बाद 345 रनों के कुल योग पर माहेला भी चलते बने। तेजी से रन चुराने के प्रयास में वह विराट कोहली की थ्रो पर विकेटकीपर महेंद्र सिंह धौनी के हाथों रन आउट किए गए।
श्रीलंकाई टीम को पहला झटका उपुल थरंगा के रूप में लगा था। पारी की शुरुआत करने आए थरंगा 60 गेंदों पर तीन चौकों और चार छक्कों की मदद से 67 रन बनाकर सुरेश रैना की गेंद पर विकेटकीपर महेंद्र सिंह धौनी के हाथों स्टंप किए गए। उस समय मेहमान टीम का कुल योग 188 रन था।
खबर लिखे जाने तक श्रीलंकाई टीम ने 42 ओवरों की समाप्ति तक पांच विकेट खोकर 355 रन बना लिए थे। थिलिना कन्डम्बी 11 रन बनाकर खेल रहे थे जबकि एंजेलो मैथ्यूज ने पांच रन बनाए थे।
इससे पहले, टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 414 रन बनाए। एकदिवसीय मैचों में भारत का यह अब तक सबसे बड़ा योग है।
भारत की ओर से सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने 102 गेंदों पर 17 चौकों और छह नायाब छक्कों की मदद से सर्वाधिक 146 रन बनाए। सहवाग ने अपना 12वां एकदिवसीय शतक लगाया। इसके अलावा सचिन तेंदुलकर ने 63 गेंदों पर 10 झन्नाटेदार चौकों और एक छक्के की मदद से 69 और धौनी ने 53 गेंदों पर सात चौकों और तीन छक्कों की मदद से 72 रन बनाए।
युवराज सिंह के स्थान पर टीम में जगह पाने वाले कोहली ने 27 रनों का योगदान दिया जबकि रवींद्र जडेजा 17 गेंदों पर एक चौके और दो छक्कों की मदद से 30 रन बनाकर नाबाद लौटे। सहवाग और तेंदुलकर ने पहले विकेट के लिए 19.3 ओवरों में 153 रन जोड़े जबकि कप्तान धौनी और सहवाग ने तीसरे विकेट के लिए मात्र 16 ओवरों में 156 रन जोड़ डाले।
एकदिवसीय मैचों के इतिहास में अब तक सिर्फ एक टीम 400 रन से अधिक के लक्ष्य का पीछा कर पाई है। यह वाकया 26 मार्च, 2006 को जोहांसबर्ग में हुआ था, जब दक्षिण अफ्रीका ने आस्टेलिया द्वारा दिए गए 434 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक गेंद शेष रहते जीत हासिल की थी।
श्रीलंका के सामने यह अब तक का सबसे बड़ा लक्ष्य है। यह अलग बात है कि श्रीलंकाई टीम के नाम एकदिवसीय मैचों में सबसे बड़ा स्कोर खड़ा करने का रिकार्ड है। इस टीम ने चार जुलाई 2006 को एम्सटेलवीन में हॉलैंड के खिलाफ नौ विकेट पर 443 रन बनाए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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