टीम इंडिया में अंतिम गेंद तक जूझने की क्षमता : हरभजन

By Super

नई दिल्ली, 8 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट टीम के ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह के पास यह साबित करने के लिए पर्याप्त कारण हैं कि आगामी विश्व कप में भारतीय टीम काफी आगे तक सफर तय करेगी। भज्जी मानते हैं कि इस टीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें अंतिम गेंद तक जूझने की क्षमता है।

अपना तीसरा विश्व कप खेलने जा रहे हरभजन ने भारतीय टीम के वरिष्ठ सदस्य के तौर पर अपनी बातों में वजन लाकर टीम की क्षमताओं को साबित करने का प्रयास किया। भज्जी ने कहा कि भारतीय टीम युवाओं और अनुभवी खिलाड़ियों का अच्छा मिश्रण है और इसमें एक से अधिक मैच जिताउ खिलाड़ी हैं।

हरभजन ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा, "हमारी टीम अब सिर्फ वरिष्ठ खिलाड़ियों पर आश्रित नहीं है। हमारे पास विराट कोहली, यूसुफ पठान और सुरेश रैना जैसे युवा खिलाड़ी हैं। ये हमें किसी भी हालत में मैच जिता सकते हैं।"

"गेंदबाजी में जहीर खान, मुनाफ पटेल और आशीष नेहरा अपने श्रेष्ठ लय में हैं। ये गेंदबाज एक स्पेल में मैच भारत के पक्ष में कर सकते हैं। हमारे लिए यह खास विशेषता है।"

"इसके अलावा हमारी टीम का आत्मविश्वास काफी ऊंचा है क्योंकि हमने बीते तीन वर्षो में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। हम यह साबित करने में सफल रहे हैं कि अब हम आसानी से हथियार डालने पर नहीं बल्कि अंतिम गेंद तक जूझने में यकीन करते हैं।"

हरभजन मानते हैं कि 19 फरवरी से 2 अप्रैल तक चलने वाले विश्व कप के ग्रुप स्तर में बांग्लादेश के साथ होने वाला पहला मैच काफी अहम है। इसी टीम से हारकर भारतीय टीम 2007 विश्व कप से बाहर हो गई थी।

हरभजन ने कहा, "हमारे लिए पहला मैच अहम है। इससे पता चलेगा कि हम इस टूर्नामेंट के लिए किस स्तर तक तैयार हैं। हम किसी टीम को हल्के में नहीं ले रहे हैं। पिछले विश्व कप में हम अपना पहला ही मैच हार गए थे, लिहाजा हमारे पास वापसी की संभावना बहुत कम थी लेकिन इस विश्व कप में हमें ऐसा कोई डर नहीं सता रहा है।"

हरभजन ने कहा कि तीसरा विश्व कप खेल रहे होने और टीम का वरिष्ठ सदस्य होने के कारण उनकी भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण हो गई है। बकौल भज्जी, "मैं पहले से अधिक अनुभवी हो गया हूं। मेरा लक्ष्य विकेट लेना और हालात के हिसाब से गेंदबाजी करना है। मैं इस विश्व कप में कोई प्रयोग नहीं करुं गा। इस बार मैं कोई जादुई गेंद फेंकने का प्रयास नहीं करुं गा।"

हरभजन मानते हैं कि भारत में 15 वर्ष के बाद खेले जा रहे विश्व कप में उनके साथियों पर दर्शकों की अपेक्षा पर खरा उतरने की अतिरिक्त जिम्मेदारी होगी।

हरभजन ने कहा, "घरेलू मैदान पर खेल रहे होने के कारण हम पर किसी तरह का दबाव नहीं होगा लेकिन हमारी जिम्मेदारी बढ़ जाएगी। हर आदमी चाहेगा कि हम देश में हो रहे विश्व कप को जीतें। मैं जहां भी जाता हूं, लोग कहते हैं कि हमें किसी भी हाल में विश्व कप जीतना है। हम दर्शकों की इस भावना से प्रोत्साहित होते हैं।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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Story first published: Tuesday, February 8, 2011, 19:00 [IST]
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