नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) वीरेन्द्र सहवाग के बाद दिल्ली देहात के एक और छोरे ने देश का नाम रोशन कर दिया है। इस साल की विंबलडन टेनिस चैंपियनशिप के ब्याज डबल्स का विजेता सुमित नागल राजधानी के देहात का छोरा है। छोरा शब्द किशोर के लिए उपयोग में लाया जाता है ग्रामीण दिल्ली में।
ग्रामीण परिवेश
नागल का संबंध नांगलोई से है। नांगलोई राजधानी के उन गांवों में हैं, जहां पर अब भी आपको ग्रामीण परिवेश और जीवन के दर्शन होते है। इधऱ आप किसी लड़की को जींस पहने हुए नहीं देख सकते। ये पश्चिमी दिल्ली का एक गांव है। इधर खेती होती है।
नांगलोई उन गांवों का हिस्सा है,जो राजधानी के एलिट इलाकों से बिल्कुल अलग हैं। यहां पर अब भी ग्रामीण भारत का माहौल है। हर घर के आगे आपको गाय-भैस बंधी हुई मिलती है। वीरेन्द्र सहवाग का गांव नजफगढ़ भी नांगलोई से कुछ ही दूरी पर है। इधर अब भी खाटी ग्रामीण संस्कार बचे हुए हैं।
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शानदार सफलता
दिल्ली के वरिष्ठ खेल पत्रकार मधुरेन्द्र सिन्हा ने कहा कि नागल की शानदार सफलता साबित करती है कि देश में छोटे शहरों और गांवों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। बस, इन्हें तराशने की जरूरत है।
नागल ने वियतनाम के खिलाड़ी के साथ मिलकर उक्त खिताब को जीता। कल तक तो देश नागल के बारे में और जानना चाह रहा था। जानना चाह रहा था कि आखिर ये कौन है। सुमित नागल के पिता सुरेश नागल दिल्ली के एक स्कूल में पढ़ाते हैं। उनका अपने पुत्र को हमेशा आगे बढ़ने की बाबत प्रोत्साहन मिलता रहा है।