फार्मूला वन : परिक्षण सत्र में 12वें रहे कार्तिकेयन
नारायण ने हिस्पेनिया टीम की कार चलाते हुए 13 चालकों के परीक्षण सत्र में एक लैप पूरा करने के लिए एक मिनट 18.020 सेकेंड का व्यक्तिगत समय निकाला।
भारत के पहले फार्मूला वन चालक बनने का गौरव हासिल करने वाले चेन्नई में जन्मे 34 वर्षीय कार्तिकेयन ने अपनी टीम की 2010 मॉडल कार में 4.0005 किलोमीटर के रिकाडरे टोरमो सर्किट के 45 चक्कर लगाए।
स्पेन की हिस्पेनिया टीम बीते सत्र में परीक्षण नहीं कर सकी थी। इस टीम ने 2010 में पहली बार एफ-1 सर्किट में हिस्सा लिया था। इस टीम ने नए सत्र के लिए ब्रिजस्टोन टायरों का उपयोग करने का फैसला किया है जबकि बीते सत्र में इसने पिरेल्ली टायरों की मदद से अपने लिए महत्वपूर्ण आंकड़े जमा किए थे।
एफ-1 सर्किट में अपनी वापसी और पहले परीक्षण सत्र को लेकर कार्तिकेयन ने कहा, "मेरे लिए नई कार चलाना आसान नहीं था लेकिन यह काम इतना कठिन भी नहीं लगा।"
कार्तिकेयन ने वर्ष 2005 में अंतिम बार फार्मूला वन सर्किट में हिस्सा लिया था। इसके पांच वर्ष बाद हिस्पेनिया फार्मूला वन टीम ने उन्हें अपने साथ जोड़ने की घोषणा की थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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