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श्रृंखला जीत इतिहास रचने के इरादे से उतरेगा भारत

दक्षिण अफ्रीका ने शुक्रवार को खेले गए चौथे एकदिवसीय मुकाबले में डकवर्थ लुईस नियम के अनुसार भारत को 48 रनों से हराकर श्रृंखला में 2-2 की बराबरी कर ली है। ऐसे में दोनों टीमें श्रृंखला जीतने के लिए जीजान लगा देंगी।

भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धौनी की सेना की नजरें दक्षिण अफ्रीका में उसी की सरजमीं पर श्रृंखला में मात देने की होगी। भारत 19 वर्षो में दक्षिण अफ्रीका में अब तक एकदिवसीय श्रृंखला जीतने में कामयाब नहीं हुआ है।

विश्व कप से पहले खेली जा रही इस अंतिम श्रृंखला का पहला मैच हारने के बाद भारत ने अगले दोनों मुकाबले जीते लेकिन 2-1 की बढ़त बनाने के बावजूद वह पोर्ट एलिजाबेथ के सेंट जॉर्ज पार्क मैदान पर खेला गया पिछला मुकाबला हार गया।

भारत ने दक्षिण अफ्रीका के साथ सुपर स्पोर्ट पार्क पर अब तक तीन एकदिवसीय मुकाबले खेले हैं जिसमें दो में उसे जीत मिली है जबकि एक मुकाबले में शिकस्त का सामना करना पड़ा है। ऐसे में भारतीय टीम के लिए यह राहत की बात है कि यहां उसका रिकॉर्ड अच्छा रहा है।

भारत ने पहला एकदिवसीय मुकाबला 1992 में खेला था जिसमें उसने दक्षिण अफ्रीका को चार विकेट से हराया था। इसके बाद 2001 में खेले गए मुकाबले में भारत ने मेजबान टीम को 42 रनों से मात दी थी जबकि 2006 में खेले गए मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने मेहमान टीम को नौ विकेट से पराजित किया था।

भारत की ओर से तेज गेंदबाज जहीर खान ने यहां अब तक पांच मैच खेले हैं जिसमें उन्होंने 21.88 की औसत से नौ विकेट चटकाए हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 42 रन खर्च कर चार विकेट का रहा है।

इसके अलावा आशीष नेहरा भी यहां पांच मैच खेल चुके हैं। उन्होंने 23.33 की औसत से कुल नौ विकेट झटके हैं जिसमें 55 रन खर्च कर चार विकेट सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है।

भारतीय टीम के लिए उसकी सलामी जोड़ी चिंता का विषय बनी हुई है। पिछले चार मुकाबलों में भारत को अब तक अच्छी शुरुआत नहीं मिल पाई है।

सचिन तेंदुलकर की जगह टीम में शामिल किए गए पार्थिव पटेल भी चौथे एकदिवसीय मुकाबले में भारत को अच्छी शुरुआत दिलाने में नाकाम रहे।

मध्यक्रम की जिम्मेदारी एक बार फिर विराट कोहली, युवराज सिंह, सुरेश रैना और खुद धौनी के कंधों पर होगी। विराट ने चौथे एकदिवसीय मुकाबले में नाबाद 87 रनों की पारी खेली थी। यूसुफ पठान के ऊपर आखिरी ओवरों में आकर ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की जिम्मेदारी होगी।

तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी जहीर खान, मुनाफ पटेल और आशीष नेहरा के कंधों पर होगा जबकि स्पिन का आक्रमण हरभजन सिंह सम्भालेंगे।

सेंचुरियन में लेग स्पिनर पीयूष चावला को मौका मिल सकता है। चावला को विश्व कप की 15 सदस्यीय टीम में भी चुना गया है इसलिए विश्व कप से पहले चावला को परखने के लिए यह अंतिम एकदिवसीय श्रृंखला होगा। चावला ने अपना अंतिम एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मैच पाकिस्तान के खिलाफ जुलाई 2008 में खेला था।

दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका की ओर से कप्तान ग्रीम स्मिथ और हाशिम अमला के कंधों पर टीम को तेज शुरुआत दिलाने की होगी। अब्राहम डिविलियर्स, जेपी ड्यूमिनी और फाफ डू प्लेसी मध्यक्रम को मजबूती प्रदान करेंगे।

तेज गेंदबाजी का आक्रमण डेल स्टेन, लोनवाबो त्सोत्सोबे और मोर्न मार्कल के कंधों पर होगा जबकि स्पिन की जिम्मेदारी जोहान बोथा और रोबिन पीटरसन सम्भालेंगे।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Story first published: Saturday, January 22, 2011, 19:00 [IST]
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