पाक क्रिकेटरों ने क्रिकेट को किया नापाक
बेंगलूरु। पाकिस्तान के क्रिकेटर ऐसी कारगुजारी कर गए कि आज हर क्रिकेटर उनकी हरकतों से शर्मिंदा है। क्रिकेट इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब किसी को सजा के तौर पर जेल जाना पड़ा हो। पिछले साल 2010 में इंग्लैंड में लॉर्ड्स टेस्ट में स्पॉट फिक्सिंग करने के आरोप में पाकिस्तान के पूर्व कप्तान सलमान बट्ट, तेज गेंदबाज मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमिर को जेल की हवा खानी पड़ी है। इसके अलावा सट्टेबाज मजहर मजीद को भी जेल भेजा गया है। जेल के अलावा इन खिलाडि़यों पर भारी आर्थिक जुर्माना लगाया गया है।
क्रिकेट के साथ विवादों की बात हो तो उसमें पाकिस्तान का नाम जुड़ ही जाता है। 2000 के बाद जब पहली बार हैंसी क्रोनिए ने क्रिकेट में फिक्सिंग का राज खोला था तो क्रिकेट पर कलंक लग गया था। उसके बाद आईसीसी ने मैच फिक्सिंग को रोकने के लिए कई सख्त नियम बना दिए। इसके बाद लगभग एक दशक तक क्रिकेट से फिक्सिंग का साया उठता हुआ नजर आ रहा था। इसके बाद पाकिस्तान क्रिकेटरों ने क्रिकेट की दुनिया में एक नई तरह की फिक्सिंग को ईजाद कर दिया। जिसका नाम था स्पॉट फिक्सिंग।
अगर इससे पहले फिक्सिंग की बात करें तो हैंसी क्रोनिए, मलिक और अजहर जैसे क्रिकेटरों पर जुर्माना और हर्जाना लग चुका है। इस मामले में अभी तक किसी को भी जेल नहीं भेज गया था। जिस टेस्ट मैच से स्पॉट की शुरुआत हुई थी वह मैच 26 से 29 अगस्त 2010 को खेला गया था। इस मैच में सट्टेबाज अजहर मजीद ने पाकिस्तान के इन तीनों क्रिकेटरों से स्पॉट फिक्सिंग करने की बात कही। इसके बाद पाक कप्तान सलमान बट्ट ने आमिर व आसिफ से नोबाल करने के लिए कहा।
इस मामले के सामने आने पर आईसीसी ने कप्तान सलमान बट पर 10 साल, आमिर पर 5 साल और आसिफ पर 7 साल तक का प्रतिबंध लगा दिया। इस स्पॉट फिक्सिंग का खुलासा अब बंद हो चुके ब्रिटिश अखबार न्यूज ऑफ द वर्ल्ड ने अपने एक स्टिंग ऑपरेशन में किया था। इस खुलासे के बाद से ब्रिटेन में इन तीनों आरोपी खिलाडि़यों के साथ मजहर मजीद के खिलाफ मुकदमा चलाया गया।
लंदन स्थित साउथवार्क कोर्ट ने इन तीनों पाकिस्तानी क्रिकेटरों को सजा सुनाई। जिसमें सलमान बट 2 साल 8 महीने, मोहम्मद आसिफ को 1 साल, आमिर को 6 महीने की जेल की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा मजीद को भी 2 साल और 8 महीने के लिए जेल भेजा गया है। इसके अलावा इन सभी पर जुर्माना भी लगाया गया है।
पहली बार जब क्रिकेट में फिक्सिंग का मामला सामने आया था तो क्रिकेट प्रेमियों में इसको लेकर रोमांच कम हो गया था। क्रिकेट के दीवाने अब उस बात को भूलने लगे थे लेकिन एक बार फिर स्पॉट फिक्सिंग ने क्रिकेट की साख खराब कर दी है। अब लोगों को लगने लगा है कि मैच होने से पहले ही उसके नतीजे तय हो जाते हैं। अब आईसीसी को चाहिए कि उसे क्रिकेट में किसी भी तरह की फिक्सिंग को रोकने के लिए सख्त नियम बनाने चाहिए।
क्रिकेट के साथ विवादों की बात हो तो उसमें पाकिस्तान का नाम जुड़ ही जाता है। 2000 के बाद जब पहली बार हैंसी क्रोनिए ने क्रिकेट में फिक्सिंग का राज खोला था तो क्रिकेट पर कलंक लग गया था। उसके बाद आईसीसी ने मैच फिक्सिंग को रोकने के लिए कई सख्त नियम बना दिए। इसके बाद लगभग एक दशक तक क्रिकेट से फिक्सिंग का साया उठता हुआ नजर आ रहा था। इसके बाद पाकिस्तान क्रिकेटरों ने क्रिकेट की दुनिया में एक नई तरह की फिक्सिंग को ईजाद कर दिया। जिसका नाम था स्पॉट फिक्सिंग।
अगर इससे पहले फिक्सिंग की बात करें तो हैंसी क्रोनिए, मलिक और अजहर जैसे क्रिकेटरों पर जुर्माना और हर्जाना लग चुका है। इस मामले में अभी तक किसी को भी जेल नहीं भेज गया था। जिस टेस्ट मैच से स्पॉट की शुरुआत हुई थी वह मैच 26 से 29 अगस्त 2010 को खेला गया था। इस मैच में सट्टेबाज अजहर मजीद ने पाकिस्तान के इन तीनों क्रिकेटरों से स्पॉट फिक्सिंग करने की बात कही। इसके बाद पाक कप्तान सलमान बट्ट ने आमिर व आसिफ से नोबाल करने के लिए कहा।
इस मामले के सामने आने पर आईसीसी ने कप्तान सलमान बट पर 10 साल, आमिर पर 5 साल और आसिफ पर 7 साल तक का प्रतिबंध लगा दिया। इस स्पॉट फिक्सिंग का खुलासा अब बंद हो चुके ब्रिटिश अखबार न्यूज ऑफ द वर्ल्ड ने अपने एक स्टिंग ऑपरेशन में किया था। इस खुलासे के बाद से ब्रिटेन में इन तीनों आरोपी खिलाडि़यों के साथ मजहर मजीद के खिलाफ मुकदमा चलाया गया।
लंदन स्थित साउथवार्क कोर्ट ने इन तीनों पाकिस्तानी क्रिकेटरों को सजा सुनाई। जिसमें सलमान बट 2 साल 8 महीने, मोहम्मद आसिफ को 1 साल, आमिर को 6 महीने की जेल की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा मजीद को भी 2 साल और 8 महीने के लिए जेल भेजा गया है। इसके अलावा इन सभी पर जुर्माना भी लगाया गया है।
पहली बार जब क्रिकेट में फिक्सिंग का मामला सामने आया था तो क्रिकेट प्रेमियों में इसको लेकर रोमांच कम हो गया था। क्रिकेट के दीवाने अब उस बात को भूलने लगे थे लेकिन एक बार फिर स्पॉट फिक्सिंग ने क्रिकेट की साख खराब कर दी है। अब लोगों को लगने लगा है कि मैच होने से पहले ही उसके नतीजे तय हो जाते हैं। अब आईसीसी को चाहिए कि उसे क्रिकेट में किसी भी तरह की फिक्सिंग को रोकने के लिए सख्त नियम बनाने चाहिए।
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 13:00 [IST]
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