कटक में तेंदुलकर अगर चार रन और बना लेते तो वह अपने करियर का 46वां शतक पूरा कर लेते लेकिन शायद किस्मत को यह मंजूर नहीं था। 90 और 100 रनों के बीच की सभी 18 परियों में तेंदुलकर अगर शतक लगाने में सफल रहे होते तो उनके खाते में आज 63 शतक दर्ज होते।
अब तक खेले गए 439 मैचों की 428 पारियों में 40 बार नाबाद रहते हुए तेंदुलकर ने 44.80 के औसत और 45 शतकों की मदद से 17386 रन बनाए हैं। इसमें 93 अर्धशतक भी शामिल हैं। तेंदुलकर का सर्वोच्च व्यक्तिगत योग 186 नाबाद रहा है। तेंदुलकर के नाम सर्वाधिक रन, शतक और अर्धशतक लगाने का रिकार्ड दर्ज है।
एकदिवसीय मैचों में चार मौकों पर 150 रनों से अधिक की पारी खेलने वाले तेंदुलकर पहली बार 90 और 100 रनों के बीच में रहते हुए नाबाद लौटे। कटक में तेंदुलकर ने 104 गेंदों का सामना करते हुए 13 चौके लगाए।
तेंदुलकर नें अब तक 99, 99, 98, 97, 97, 96 (नाबाद), 95, 95, 94, 93, 93, 93, 93, 93, 93, 91, 91 और 90 रनों की पारियां खेली हैं। इसके अलावा वह दो मौकों पर 89 रनों के व्यक्तिगत योग पर आउट हुए हैं।
90 और 100 रनों के बीच तेंदुलकर सर्वाधिक 10 मौकों पर कैच आउट हुए हैं। यही नहीं, तेंदुलकर जैसा महान बल्लेबाज अपने करियर में कुल 20 मौकों पर शून्य पर पेवेलियन लौटा है। शून्य की पारियों के दौरान तेंदुलकर 12 मौकों पर कैच आउट हुए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।