स्लोवेनिया के सेल्जे में रहने वाली, जूडो में अपनी कुशलता के लिए जानी जाने वाली एक एथलीट ने अपने खेल में महत्वपूर्ण प्रगति की है। क्रोएशियाई, अंग्रेजी, जर्मन और स्लोवेनियाई भाषाओं में धाराप्रवाह, उसने आठ साल की उम्र में सेल्जे में अपने जूडो सफर की शुरुआत की। जूडो में उसकी रुचि तब जागी जब उसने एक स्थानीय हॉल के बाहर कई कारें देखीं और अंदर देखने का फैसला किया।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2021 | Women's 63kg | S रजत |
| 2016 | Women's 63kg | G स्वर्ण |
चोटों के कारण उसके करियर को चुनौतियों का सामना करना पड़ा। एक मेनस्कस की चोट के कारण वह 2019 में मिन्स्क में हुए यूरोपीय खेलों से चूक गई। रियो डी जनेरियो में 2016 के ओलंपिक खेलों से पहले, उसने छह सप्ताह पहले अपनी पसलियों में चोट लग गई थी, लेकिन फिर भी वह स्वर्ण पदक जीतने में सफल रही।
2014 से 2019 तक लगातार छह वर्षों तक उसे सेल्जे में वर्ष की महिला एथलीट घोषित किया गया। 2016 में, उसे वर्ष की स्लोवेनियाई महिला एथलीट के रूप में सम्मानित किया गया। अंतर्राष्ट्रीय जूडो महासंघ ने 2015 में उसे वर्ष की महिला जूडोका नामित किया।
2016 के रियो ओलंपिक में -63 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर वह ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने वाली दूसरी स्लोवेनियाई महिला एथलीट बन गई। उर्षका ज़ोलनिर पहली थीं, जिन्होंने 2012 के लंदन ओलंपिक में इसी वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। उसने 2015 में कजाकिस्तान के अस्ताना में हुए विश्व चैंपियनशिप में -63 किग्रा वर्ग में स्लोवेनिया का पहला जूडो विश्व चैंपियनशिप खिताब भी जीता।
जुलाई 2024 तक, वह सेल्जे में रह रही हैं और अपने खेल में सक्रिय हैं। एक जिज्ञासु बच्चे से लेकर एक कुशल जूडोका तक उसके सफर ने कई आकांक्षी एथलीटों के लिए प्रेरणा का काम किया है।