नॉर्वे के एक मशहूर एथलीट, टॉमी उरहाग ने पैरा टेबल टेनिस की दुनिया में महत्वपूर्ण प्रगति की है। 12 मई 2016 को जन्मे, उरहाग का सफर 14 साल की उम्र में 1994 में शुरू हुआ जब उन्होंने इस खेल को अपनाया। उनके पिता, जो उनके कोच भी थे, ने उन्हें स्कूल के दौरान टेबल टेनिस चुनने के लिए प्रेरित किया।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2012 | Singles - Class 5 | G स्वर्ण |
| 2008 | Men's Singles Class 4-5 | B कांस्य |
| 2016 | Singles - Class 5 | 4 |
| 2008 | Men's Team Class 4-5 | 4 |
| 2020 | Singles - Class 5 | 5 |
| 2004 | Singles - Class 5 | 5 |
| 2004 | Men's Team Class 5 | 5 |
| 2000 | Singles - Class 5 | 5 |
| 2000 | Men's Team Class 5 | 5 |
उरहाग की सबसे यादगार उपलब्धि 2012 में लंदन में पैरालंपिक खेलों में पुरुषों के वर्ग 5 एकल स्पर्धा में स्वर्ण जीतना है। उन्होंने नॉर्वे में गैर-पैरा टेबल टेनिस टूर्नामेंट में भी खेला है। उनकी दाहिनी हाथ से खेलने की शैली उनकी सफलता में एक महत्वपूर्ण कारक रही है।
उनके पिता और कोच जान बर्गेर्सन उनके करियर में सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव रहे हैं। उरहाग अपने हीरो के रूप में नॉर्वेजियन बायथलीट ओले आइनर ब्योर्न्डालेन को भी देखते हैं। इन व्यक्तियों ने प्रशिक्षण और प्रतियोगिता दोनों के प्रति उनके दृष्टिकोण को आकार दिया है।
नॉर्वेजियन स्पोर्ट्स गैला में उरहाग को कई बार वर्ष के पुरुष पैरा एथलीट का नाम दिया गया है, विशेष रूप से 2006, 2007, 2012 और 2015 में। इसके अतिरिक्त, उन्हें नॉर्वे के नॉर्डहॉर्डलैंड में 2000-2010 तक दशक का व्यक्ति के रूप में सम्मानित किया गया था।
वह नॉर्वे में स्टॉर्ड बीटीके और जर्मनी में आरएसजी कोब्लेंज से जुड़े हैं। उनके राष्ट्रीय कोच जान बर्गेर्सन और मार्कस सोजोबर्ग हैं। इन संबद्धता ने उन्हें अंतर्राष्ट्रीय मंच पर उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए आवश्यक समर्थन प्रदान किया है।
आगे देखते हुए, उरहाग का लक्ष्य अपने व्यक्तिगत हितों और पारिवारिक जीवन को संतुलित करते हुए उच्च स्तर पर प्रतिस्पर्धा करना जारी रखना है। उनकी दो बेटियाँ, ओय्वोर और सोल्विग हैं, जो खेलों के बाहर उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
उरहाग का सफर पैरा टेबल टेनिस के प्रति समर्पण और जुनून का प्रमाण है। उनकी उपलब्धियाँ वर्षों की कड़ी मेहनत और उनके परिवार और कोचों से मिले समर्थन को दर्शाती हैं।