ट्यूनीशिया के एक एथलीट ने लंबी दूरी की दौड़ की दुनिया में तहलका मचा रखा है। उन्होंने 2010 में जेंडौबा के एथलेटिक्स क्लब में अपना सफर शुरू किया था। दौड़ने के लिए उनके जुनून, खासकर लंबी दूरी की घटनाओं ने उन्हें अपने क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित किया है।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2020 | 5000m - T13 | 6 |
| 2020 | Marathon - T12 | 6 |
वे अपने कोच, मोहम्मद अल-सकरी के मार्गदर्शन में सप्ताह में 20 घंटे प्रशिक्षण लेते हैं। इस कठोर प्रशिक्षण कार्यक्रम ने उन्हें अपने करियर में महत्वपूर्ण मील के पत्थर हासिल करने में मदद की है।
उनके सबसे यादगार क्षणों में से एक रबात अंतर्राष्ट्रीय मैराथन में दो घंटे, 22 मिनट और 01 सेकंड का समय निकालना था। यह उपलब्धि उनके समर्पण और कड़ी मेहनत का प्रमाण है।
जनवरी 2024 में, उन्हें एक टेंडन की चोट लग गई जिसके कारण वह 20 दिनों के लिए प्रशिक्षण से बाहर रहे। इस झटके के बावजूद, वे अपने लक्ष्यों पर केंद्रित रहे और तेजी से स्वस्थ हुए।
केन्याई लंबी दूरी के धावक एलियूड किपचोगे उनके हीरो और प्रभाव दोनों हैं। उनका मानना है कि "जीवन में सब कुछ संभव है, कुछ भी असंभव नहीं है। बस अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पर्याप्त समय दें और उसका अभ्यास करें और आप उसे प्राप्त कर लेंगे। अपने आप पर विश्वास रखें कि आप ऐसा कर सकते हैं।"
आगे देखते हुए, उनका लक्ष्य पेरिस में 2024 के पैरा ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतना है। यह लक्ष्य उत्कृष्टता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और अपने खेल के शिखर तक पहुंचने की उनकी इच्छा को दर्शाता है।
दौड़ने के अलावा, उन्हें संगीत सुनना पसंद है। वे अरबी, अंग्रेजी और फ्रेंच में भी धाराप्रवाह हैं, जो उनके विविध कौशल सेट में इजाफा करता है।
यह एथलीट जेंडौबा से अंतरराष्ट्रीय मैराथन तक का सफर लंबी दूरी की दौड़ के लिए उनके समर्पण और जुनून को दर्शाता है। लगातार कड़ी मेहनत और दृढ़ता के साथ, उनका लक्ष्य भविष्य में और भी बड़ी ऊंचाइयां हासिल करना है।