2008 में, एक इराकी एथलीट ने खेलों में अपना सफ़र शुरू किया। शुरू में एक फ़ुटबॉल खिलाड़ी, उसे फ़ुटबॉल से परे खोज करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इसने उन्हें एथलेटिक्स अपनाने के लिए प्रेरित किया। 2009 तक, उन्होंने ट्यूनीशिया में इराक के लिए अपना डेब्यू किया।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2016 | Javelin Throw - F41 | S रजत |
| 2020 | Javelin Throw - F41 | B कांस्य |
| 2012 | Men's Javelin Throw F40 | B कांस्य |
| 2012 | Shot Put - F40 | 9 |
| 2012 | Men's Discus Throw F40 | 11 |
वह राष्ट्रीय कोच माज़न हुसैन और सलेम अलीवी के अधीन प्रशिक्षण लेते हैं। उनके मार्गदर्शन ने एक एथलीट के रूप में उनके विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उनके सबसे यादगार क्षणों में से एक 2016 में रियो डी जनेरियो में हुए पैरालंपिक खेलों में आया था। उन्होंने F41 भाला फेंक में रजत पदक जीता। उन्होंने 2017 में लंदन, इंग्लैंड में विश्व चैंपियनशिप में यह सफलता दोहराई।
एथलेटिक्स के अलावा, उन्हें तैराकी, घुड़सवारी और हॉरर फिल्में देखना पसंद है। वे अरबी और अंग्रेजी दोनों भाषाएँ बोलते हैं, जो उन्हें व्यापक दर्शकों से जुड़ने में मदद करता है।
आगे देखते हुए, उनका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इराक का प्रतिनिधित्व करना जारी रखना है। खेल के प्रति उनकी समर्पण और उनके कोच और परिवार से मिलने वाला समर्थन उनकी भविष्य की सफलताओं में महत्वपूर्ण कारक होंगे।
एक फ़ुटबॉल खिलाड़ी से एक सफल भाला फेंकने वाले एथलीट तक इस एथलीट का सफ़र प्रेरणादायक है। उनकी उपलब्धियाँ नए अवसरों को तलाशने के महत्व और मजबूत पारिवारिक समर्थन के प्रभाव को उजागर करती हैं।