पोलिश हैमर थ्रोअर वोइचेक नोव्की ने एथलेटिक्स में एक महत्वपूर्ण छाप छोड़ी है। पोलैंड के बियालिस्टोक में जन्मे, नोव्की ने 18 साल की उम्र में हैमर थ्रो में अपनी यात्रा शुरू की। हाई स्कूल में एक कोच ने मेडिसिन बॉल के साथ उनके कौशल को देखते हुए उनकी प्रतिभा का पता चला। शुरुआत में संशयपूर्ण, वह जल्द ही इस खेल को प्यार करने लगे और उल्लेखनीय परिणाम हासिल किए।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2021 | Men's Hammer Throw | G स्वर्ण |
| 2016 | Men's Hammer Throw | B कांस्य |
नोव्की बियालिस्टोक में अपनी पत्नी अन्ना और उनकी बेटियों, अमेलिया और इज़ाबेला के साथ रहते हैं। वह एक सशस्त्र बल एथलीट हैं और अंग्रेजी और पोलिश दोनों भाषाएँ बोलते हैं। उन्होंने बियालिस्टोक यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की है।
नोव्की केएस पॉडलैसिए बियालिस्टोक का प्रतिनिधित्व करते हैं और माल्विना वोजटुलेविक्ज़-सोबिएराजस्का द्वारा प्रशिक्षित हैं। उनके परिवार उनके करियर में सबसे प्रभावशाली कारक रहे हैं, जिन्होंने उनकी पूरी यात्रा में अटूट समर्थन प्रदान किया है।
2019 की शुरुआत में, नोव्की को अपने दाहिने जांघ में मांसपेशियों में चोट लगी थी। इस झटके के बावजूद, उन्होंने अपने खेल के प्रति लचीलापन और समर्पण दिखाते हुए उच्च स्तर पर प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धा करना जारी रखा।
2020 में, नोव्की को पोलिश एथलेटिक्स एसोसिएशन का गोल्डन स्पाइक अवार्ड वर्ष के प्रमुख पुरुष एथलीट के रूप में मिला। उन्हें 2016 में पोलैंड के राष्ट्रपति द्वारा सिल्वर क्रॉस ऑफ मेरिट से भी सम्मानित किया गया था।
नोव्की का खेल दर्शन केवल पदक जीतने के बजाय सुधार पर जोर देता है। वह पोलिश हैमर थ्रोअर शिमोन ज़ियोलकोव्स्की और कामिला स्कोलिमोव्स्का की प्रशंसा करते हैं, जिन्होंने अपने पूरे करियर में उन्हें प्रेरित किया है।
आगे देखते हुए, नोव्की का लक्ष्य टोक्यो में आगामी ओलंपिक खेलों में पदक जीतना है। प्रशिक्षण और निरंतर सुधार के लिए उनका समर्पण उन्हें इस लक्ष्य को प्राप्त करने पर केंद्रित रखता है।
एथलेटिक्स के अलावा, नोव्की को बाहर समय बिताना और शूटिंग करना पसंद है। ये शौक उन्हें अपने कठोर प्रशिक्षण कार्यक्रम के बीच विश्राम और संतुलन प्रदान करते हैं।
हाई स्कूल की प्रतिभा से ओलंपिक पदक विजेता तक वोइचेक नोव्की की यात्रा उनके हैमर थ्रो के प्रति समर्पण और जुनून को दर्शाती है। अपने परिवार और कोच से निरंतर समर्थन के साथ, वह वैश्विक मंच पर एक मजबूत दावेदार बने हुए हैं।